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वेदांता की तिसरी तिमाही : मुनाफा 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़, राजस्व में 19% की बढ़ोतरी

कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, उच्च उत्पादन क्षमता और डीमर्जर सहित रणनीतिक कदम इसे दीर्घकालिक विकास और निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

वेदांता लिमिटेड (Vedanta) ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए अपने अलेखापरीक्षित समेकित परिणामों की घोषणा की. कंपनी का कर के बाद मुनाफा 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि त्रैमासिक राजस्व 19% की वृद्धि के साथ ₹45,899 करोड़ पर दर्ज हुआ. एबिट्डा भी रिकॉर्ड स्तर पर ₹15,171 करोड़ पहुँच गया, जो सालाना आधार पर 34% अधिक है.

वेदांता की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है कि नेट डेब्ट टू एबिट्डा रेशियो 1.40x से बेहतर होकर 1.23x पर पहुंच गया. रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 27% रहा, जिसमें सालाना 296 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई. क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल और इक्रा ने कंपनी की AA रेटिंग बरकरार रखी, जो डीमर्जर से जुड़े एनसीएलटी आदेश के बाद दी गई.

संचालन और उत्पादन में रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्तीय वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वेदांता ने अपने सभी प्रमुख व्यवसायों में **रिकॉर्ड उत्पादन** दर्ज किया.

1. एलुमिनियम और एलुमिना : एलुमिनियम का उत्पादन 620 किलोटन तक बढ़ा (सालाना 1% वृद्धि), जबकि एलुमिना का उत्पादन 57% सालाना वृद्धि के साथ 794 किलोटन पर पहुँच गया.
2. जिंक इंडिया और जिंक इंटरनेशनल : जिंक इंडिया का तिमाही खनित धातु उत्पादन 276 किलोटन (सालाना 4% वृद्धि) और रिफाइंड मैटल उत्पादन 270 किलोटन रहा. जिंक इंटरनेशनल का उत्पादन 28% सालाना बढ़कर 59 किलोटन पर पहुंचा.
3. आयरन ओर और स्टील : आयरन ओर का सीलेबल उत्पादन 1.2 मिलियन टन (सालाना 3% वृद्धि) और पिग आयरन उत्पादन 229 किलोटन (सालाना 6% वृद्धि) रहा.
4. कॉपर और फेरोक्रोम : कॉपर कैथोड का उत्पादन 45 किलोटन (पिछले सात सालों में उच्चतम), जबकि फेरोक्रोम का उत्पादन 32% सालाना बढ़कर 24 किलोटन पर पहुंचा.
5. पावर व्यवसाय : बिक्री में सालाना 61% की वृद्धि हुई.

इन आंकड़ों से कंपनी की संचालन दक्षता और उत्पादन सुधार की पहल स्पष्ट होती है.

महत्वपूर्ण उपलब्धियां और निवेश

- वेदांता को डीमर्जर के लिए एनसीएलटी से मंजूरी मिल गई.
- कॉपर और एलुमिनियम में डाउनस्ट्रीम फुटप्रिन्ट मजबूत करने के लिए इनकैब इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया गया.
- तिमाही के दौरान कुल शेयरधारक प्रतिफल लगभग 30% रहा, जो निफ्टी और निफ्टी मेटल सूचकांक से बेहतर है.
- वेदांता ने उच्च-मूल्य वाले क्रिटिकल मिनरल्स के तीन अतिरिक्त माइनिंग ब्लॉक हासिल किए, जिससे कुल असाइन्ड ब्लॉक्स की संख्या 11 हो गई.
- पिछले पांच वर्षों में कुल शेयरधारक रिटर्न 428% और कुल डिविडेंड यील्ड 73.5% रही.

वेदांता लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने कहा “वित्तीय वर्ष 26 की तीसरी तिमाही वेदांता के लिए बेहतरीन रही है. रिकॉर्ड एबिट्डा और उत्पादन ने हमारे संचालन की मजबूती को दिखाया. एलुमिनियम और एलुमिना के रिकॉर्ड उत्पादन ने प्रति टन $1,268 का EBITDA मार्जिन दिया. जिंक इंडिया और जिंक इंटरनेशनल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. आयरन ओर, स्टील और फेरोक्रोम ने भी रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया. डीमर्जर के अनुमोदन के साथ, हम वेदांता 2.0 के अगले चरण में तीव्र विकास के लिए तैयार हैं.”

चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अजय गोयल ने कहा “तीसरी तिमाही में हमारा मुनाफा 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ पहुंच गया, राजस्व 19% बढ़ा और एबिट्डा रिकॉर्ड ₹15,171 करोड़ पर रहा. हमारी बैलेंस शीट मजबूत हुई है और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने हमारे वित्तीय भरोसे को पुष्टि दी है. अब हम विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं और दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के लिए तैयार हैं.”


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