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पूर्वोत्तर भारत में वेदांता का 80,000 करोड़ का निवेश: ऊर्जा, खनिज, रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
पूर्वोत्तर भारत में यह निवेश न केवल क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को बढ़ावा देगा, बल्कि यह क्षेत्र देश के ऊर्जा और आर्थिक विकास का नया केंद्र बनेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) ने पूर्वोत्तर भारत में 80,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है. यह जानकारी वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने 'राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025' के उद्घाटन सत्र में दी. इस समिट का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा किया गया था.
छह राज्यों को मिलेगा निवेश का लाभ
यह निवेश असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम जैसे राज्यों में किया जाएगा. राशि का उपयोग तेल एवं गैस, रिफाइनिंग, पावर ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, फाइबर नेटवर्क और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज में किया जाएगा. इसमें से 50,000 करोड़ रुपये पहले ही 'एडवांटेज असम 2.0' समिट के दौरान घोषित किए जा चुके हैं. अब 30,000 करोड़ रुपये की नई राशि शेष पांच राज्यों में निवेश के लिए आवंटित की जाएगी.
विकसित भारत के लिए पूर्वोत्तर बना विकास इंजन
अनिल अग्रवाल ने कहा, “पूर्वोत्तर अब विकसित भारत के लिए विकास का इंजन बन रहा है. यहां तेल, गैस और महत्त्वपूर्ण खनिजों की अपार संभावनाएं हैं और वेदांता इन संसाधनों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.” उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत अब सिर्फ एक सीमावर्ती क्षेत्र नहीं, बल्कि देश के ऊर्जा, आर्थिक और सतत विकास का अगला अग्रिम मोर्चा बन चुका है.
हाजिरागांव में उत्पादन, गुवाहाटी में सीएनजी बसें
कंपनी की ऑयल एंड गैस यूनिट 'केयर्न ऑयल एंड गैस' असम के हाजिरागांव फील्ड में पहले से सक्रिय है. यह क्षेत्र का पहला 'डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड' है जहां उत्पादन शुरू हो चुका है. यहां से निकाली गई गैस गुवाहाटी की 100 से ज्यादा सीएनजी बसों को चला रही है और चाय बागानों में कोयला आधारित ऊर्जा की जगह ले रही है.
अरुणाचल में ग्रेफाइट और रेयर अर्थ मिनरल्स पर फोकस
अरुणाचल प्रदेश में वेदांता को हाल ही में क्रिटिकल मिनरल नीलामी के माध्यम से खनिज ब्लॉक्स मिले हैं. यहां देश का सबसे बड़ा ग्रेफाइट भंडार और महत्वपूर्ण वेनाडियम व रेयर अर्थ मिनरल्स पाए जाते हैं. ये संसाधन भारत के ग्रीन और हाई-टेक सेक्टर के लिए अहम साबित होंगे.
एक लाख रोजगार
कंपनी का यह निवेश करीब 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर सकता है. वेदांता अपने सामाजिक कार्यक्रमों जैसे *नंद घर*, डिजिटल क्लासरूम, हथकरघा कौशल केंद्र और खेल गतिविधियों को भी इन राज्यों में विस्तारित करेगी.
300 किमी ट्रांसमिशन नेटवर्क और बेहतर बिजली आपूर्ति
वेदांता ने असम से मेघालय तक 300 सर्किट किलोमीटर लंबा पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क स्थापित किया है जिससे 1,000 मेगावाट बिजली ट्रांसफर की जा सकती है. इससे दोनों राज्यों में औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति मिली है.
हस्तशिल्प और वन्यजीव संरक्षण में भी भागीदारी
वेदांता 3,000 से अधिक महिला कारीगरों के साथ हथकरघा केंद्रों के माध्यम से काम कर रही है जिससे उन्हें आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिल रही है. साथ ही कंपनी काजीरंगा नेशनल पार्क के साथ मिलकर वन्यजीव संरक्षण को भी समर्थन दे रही है.
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