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भारत के इस फैसले से US, Korea और China में बेचैनी, कारोबार का दिया हवाला

विश्व व्यापार संगठन की एक बैठक में अमेरिका, कोरिया और चीन ने भारत के लैपटॉप आयात पर बैन के फैसले पर चिंता जाहिर की.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने अगस्त में लैपटॉप और कंप्यूटर के आयात पर प्रतिबंध (Laptop Import Ban) का ऐलान किया था. हालांकि, विरोध के बाद सरकार ने डेडलाइन बढ़ाकर 1 नवंबर पर दी. हाल में ऐसी भी खबर आई है कि सरकार लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर सहित कई प्रोडक्ट्स के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगी, बल्कि उनकी खेप की निगरानी करेगी. इस बीच, भारत के रुख से अमेरिका, कोरिया और चीन में बेचैनी बढ़ गई है.  

क्या कहा अमेरिका ने? 
विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organisation - WTO) की बैठक में अमेरिका, चीन, कोरिया और चीन ने लैपटॉप-कंप्यूटर आदि के इम्पोर्ट को लेकर भारत के रुख पर चिंता जाहिर की है. WTO की बाजार पहुंच (Market Access) समिति की बैठक में इन देशों ने बताया कि भारत के फैसले से उनका बाजार किस तरह प्रभावित हो सकता है. अमेरिका ने कहा है कि इम्पोर्ट पर बैन के लागू होने के बाद संबंधित उत्पादों के व्यापार पर असर पड़ेगा, जिसमें भारत में अमेरिकी निर्यात भी शामिल है. अमेरिका ने यह भी कहा है कि यह फैसला इम्पोर्टर्स और डाउनस्ट्रीम यूजर्स के लिए अनिश्चितता पैदा कर रहा है.

Korea ने कही ये बात
कोरिया ने कहा कि भारत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से अनावश्यक व्यापार बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं. कोरिया ने भारत से प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करने और इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण और जानकारी देने का अनुरोध किया है. बता दें कि भारत में लैपटॉप जैसे प्रोडक्ट बड़े पैमाने पर इम्पोर्ट किए जाते हैं. लैपटॉप और टैबलेट कैटेगरी में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है. Apple और Dell जैसी कंपनियां भारतीय बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं. ये कंपनियां भारत में लैपटॉप और टैबलेट की मैन्युफैक्चरिंग नहीं करतीं, बल्कि इन्हें विदेश से आयात करती हैं. ऐसे में यदि भारत में आयात बैन हो जाता है, तो इन कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. 

सालाना इतना इम्पोर्ट
भारत ने 3 अगस्त को घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयात में कटौती करने के उद्देश्य से लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, माइक्रो कंप्यूटर, बड़े या मेनफ्रेम कंप्यूटर और कुछ डेटा प्रोसेसिंग मशीनों जैसे हार्डवेयर उत्पादों के आयात पर बैन लगाने का ऐलान किया था. बाद में डेडलाइन को बढ़ाकर 1 नवंबर कर दिया गया. अब चूंकि 1 नवंबर आने में ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए यूएस, कोरिया और चीन जैसे देशों में बेचैनी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत हर साल करीब 7-8 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के लैपटॉप आदि आयात करता है. 2022-23 में इस सेगमेंट में भारत का आयात 5.33 अरब अमेरिकी डॉलर था, जबकि 2021-22 में यह आंकड़ा 7.37 अरब डॉलर था.
 


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