होम / बिजनेस / अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर अमेरिका-भारत की सहमति, टैरिफ कटौती और सप्लाई चेन मजबूती पर जोर
अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर अमेरिका-भारत की सहमति, टैरिफ कटौती और सप्लाई चेन मजबूती पर जोर
इस व्यापक समझौते के लिए बातचीत की शुरुआत 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. अंतरिम समझौते को संतुलित व्यापार, ठोस नतीजों और मजबूत सप्लाई चेन पर साझा फोकस का प्रतीक बताया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारत और अमेरिका ने पारस्परिक और संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) के ढांचे पर सहमति जता दी है. यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement-BTA) की दिशा में एक बड़ा और अहम पड़ाव माना जा रहा है.
पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते की ओर बड़ा कदम
इस ढांचे के तहत दोनों देशों ने अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. इस व्यापक समझौते के लिए बातचीत की शुरुआत 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. अंतरिम समझौते को संतुलित व्यापार, ठोस नतीजों और मजबूत सप्लाई चेन पर साझा फोकस का प्रतीक बताया गया है.
अमेरिकी उत्पादों पर भारत देगा टैरिफ में राहत
प्रस्तावित शर्तों के अनुसार, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और खाद्य-कृषि वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म या कम करेगा. इनमें शामिल हैं—
1. पशु आहार के लिए ज्वार (Sorghum)
2. ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स
3. ट्री नट्स और फल
4. सोयाबीन तेल
5. वाइन और स्पिरिट्स
इससे अमेरिकी निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी.
भारतीय उत्पादों पर अमेरिका की शर्तें
इसके बदले अमेरिका मौजूदा कार्यकारी आदेशों के तहत भारतीय मूल के उत्पादों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा. यह दर कपड़ा और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी क्षेत्रों पर लागू होगी.हालांकि, अंतरिम समझौता सफलतापूर्वक लागू होने की स्थिति में अमेरिका भारत के कई प्रमुख निर्यात उत्पादों जैसे जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जे पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ हटाने पर सहमत हुआ है.
विमान और धातुओं से जुड़े टैरिफ भी हटेंगे
अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एल्यूमीनियम, स्टील और कॉपर संबंधी प्रावधानों के तहत भारतीय विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए टैरिफ भी हटाएगा. वहीं, भारत को ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए विशेष टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा, साथ ही जेनेरिक दवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत अमेरिकी सेक्शन-232 जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी.
मार्केट एक्सेस और नॉन-टैरिफ बाधाओं पर सहमति
दोनों देशों ने आपसी हित वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता आधारित बाजार पहुंच, मजबूत रूल्स ऑफ ओरिजिन और लंबे समय से चली आ रही नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई है. भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज, आईसीटी उत्पादों और खाद्य-कृषि वस्तुओं से जुड़े प्रतिबंधों में ढील देने का भी आश्वासन दिया है. इसके साथ ही, समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने की समीक्षा की जाएगी.
डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन पर सहयोग
ढांचे में मानक निर्धारण, अनुरूपता मूल्यांकन, डिजिटल व्यापार नियमों और आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग का भी प्रावधान है. इसका मुख्य उद्देश्य सप्लाई चेन की मजबूती और नवाचार को बढ़ावा देना है.
अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद का संकेत
व्यापक आर्थिक सहयोग के तहत भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा जताया है. दोनों देश डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले GPU जैसे उन्नत तकनीकी उत्पादों के व्यापार को भी तेजी से बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.
जल्द लागू होगा अंतरिम समझौता
दोनों सरकारों ने कहा है कि वे इस ढांचे को जल्द लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम करेंगी, ताकि तय रोडमैप के अनुरूप एक व्यापक, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता किया जा सके.
टैग्स US–India trade