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UP ने पेश किया ₹9.13 लाख करोड़ का बजट, इन्फ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास को बनाया केंद्र
इस बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स पार्क, स्मार्ट सिटी पहल और कृषि सुधार के माध्यम से राज्य की आर्थिक मजबूती और संतुलित विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधान भवन में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड ₹9.13 लाख करोड़ का बजट पेश किया. बजट में पूंजीगत व्यय में बड़े पैमाने पर वृद्धि की गई है ताकि राज्य का इन्फ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ हो, क्षेत्रीय संतुलन स्थापित हो और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा मिले. यह कदम राज्य को USD 1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर
बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.2% बड़ा है और इसमें सार्वजनिक निवेश को प्रमुख विकास कारक के रूप में रेखांकित किया गया है. सड़कें, पुल, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है. सरकार ने प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूरा होने और विस्तार के साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
विशेष ध्यान बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर रखा गया है, जो ऐतिहासिक रूप से पिछड़े हुए हैं और अब भविष्य के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किए जा रहे हैं. पूंजीगत आवंटन औद्योगिक क्लस्टर, गोदाम ढांचा और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया गया है, ताकि निजी निवेश आकर्षित किया जा सके.
शहरी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेड, जैसे नगर सेवाओं का विस्तार, परिवहन प्रणालियाँ और स्मार्ट सिटी पहल, बजट का एक अहम हिस्सा हैं. अधिकारियों ने बताया कि निरंतर इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च निर्माण और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा और राज्य में Ease of Doing Business को बढ़ावा देगा.
इसके बावजूद वित्तीय घाटे को 3% तक बनाए रखना यह संकेत देता है कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार को वित्तीय अनुशासन के भीतर आगे बढ़ाएगी.
किसानों और ग्रामीण विकास पर फोकस
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कृषि और ग्रामीण समृद्धि को उत्तर प्रदेश के विकास रणनीति का केंद्र बताया.
1. सिंचाई नेटवर्क, ग्रामीण सड़कें और भंडारण ढांचे को मजबूत कर कृषि उत्पादकता बढ़ाने और pós्ट-हार्वेस्ट नुकसान कम करने पर जोर दिया गया.
2. कृषि ढांचे के लिए आवंटन आपूर्ति श्रृंखलाओं को आधुनिक बनाने और किसानों को घरेलू एवं निर्यात बाजारों में बेहतर तरीके से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया.
3. सरकार ने यांत्रिकीकरण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, डेयरी और बागवानी जैसी सहायक गतिविधियों को प्राथमिकता दी है.
अधिकारियों ने कहा कि कृषि समावेशी आर्थिक प्रगति के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती है. किसानों की आय में सुधार से राज्य में खपत और औद्योगिक मांग दोनों में मजबूती आएगी.
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