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यूनियन बजट पर टैक्स कलेक्शन का दबाव, 3 लाख करोड़ रुपये की कमी की आशंका, कैपेक्स पर रहेगा जोर

FY27 का बजट सरकार के लिए संतुलन साधने वाला होगा, जहां एक ओर राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखना होगा और दूसरी ओर विकास को गति देने के लिए निवेश बढ़ाने की जरूरत होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में करीब 3 लाख करोड़ रुपये के सकल कर संग्रह की कमी का सामना करना पड़ सकता है. इसके बावजूद सरकार पूंजीगत खर्च (Capex) को प्राथमिकता देते हुए राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) के अपने रास्ते पर बनी रह सकती है. यह आकलन CareEdge की एक ताजा रिपोर्ट में किया गया है.

FY26 में टैक्स कलेक्शन बजट अनुमान से काफी पीछे

CareEdge की रिपोर्ट Union Budget Expectations: Central Government Finances FY27 के अनुसार, FY26 के पहले आठ महीनों में सकल कर संग्रह में साल-दर-साल सिर्फ 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि बजट में 12.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था. रिपोर्ट का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के कर अपने बजट अनुमानों से कम रह सकते हैं.

प्रत्यक्ष करों की रफ्तार धीमी, अप्रत्यक्ष कर बने बोझ

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉरपोरेट टैक्स और इनकम टैक्स से होने वाली आय उम्मीद से कम रही है, हालांकि हाल के महीनों में इसमें कुछ सुधार जरूर देखने को मिला है. वहीं, अप्रत्यक्ष करों का प्रदर्शन कमजोर रहा है. अप्रैल से नवंबर की अवधि में जीएसटी संग्रह में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका एक बड़ा कारण सितंबर के अंत में लागू की गई दरों का युक्तिकरण माना जा रहा है. इसके अलावा, कस्टम ड्यूटी से होने वाली आय में गिरावट आई है, जबकि केंद्रीय उत्पाद शुल्क से संग्रह में अच्छी बढ़त देखी गई है.

FY26 में टैक्स रेवेन्यू अनुमान घटाया गया

कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए CareEdge ने FY26 के लिए सकल कर राजस्व का अनुमान घटाकर 39.7 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो बजट अनुमान 42.7 लाख करोड़ रुपये से काफी कम है. वहीं, शुद्ध कर राजस्व का अनुमान 26.4 लाख करोड़ रुपये लगाया गया है, जबकि बजट में इसे 28.4 लाख करोड़ रुपये रखा गया था.

FY27 में सुधार की उम्मीद, लेकिन टैक्स बुआयेंसी सीमित

FY27 को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि कर संग्रह में सुधार तो होगा, लेकिन आर्थिक वृद्धि के अनुपात में यह बढ़ोतरी सीमित रह सकती है. FY27 में सकल कर राजस्व के 9.6 प्रतिशत बढ़कर 43.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. अनुमानित नाममात्र जीडीपी वृद्धि 10.1 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिससे टैक्स बुआयेंसी 0.95 रहने का संकेत मिलता है.

प्रत्यक्ष करों में 11 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है, जबकि अप्रत्यक्ष करों में 8.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. जीएसटी संग्रह पर दरों के युक्तिकरण का असर बना रह सकता है.

नॉन-टैक्स रेवेन्यू से मिली राहत

FY26 में नॉन-टैक्स रेवेन्यू ने केंद्र सरकार को कुछ राहत दी है. रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में नॉन-टैक्स आय में 20.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसका प्रमुख कारण भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से उम्मीद से अधिक डिविडेंड ट्रांसफर रहा है. CareEdge का अनुमान है कि FY26 में नॉन-टैक्स रेवेन्यू बजट अनुमान 5.8 लाख करोड़ रुपये से करीब 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा रह सकता है.

डिसइनवेस्टमेंट फिर रहा कमजोर कड़ी

हालांकि, विनिवेश से मिलने वाली आय एक बार फिर कमजोर रही है. FY26 के पहले आठ महीनों में विनिवेश से सिर्फ 4,900 करोड़ रुपये जुटाए जा सके हैं, जबकि बजट में 47,000 करोड़ रुपये के विविध पूंजीगत प्राप्तियों का लक्ष्य रखा गया था. CareEdge को उम्मीद है कि IDBI बैंक विनिवेश और LIC हिस्सेदारी बिक्री अगले वित्त वर्ष तक टल सकती है, जिससे नॉन-डेब्ट कैपिटल रिसीट्स में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की कमी आ सकती है.

कैपेक्स पर सरकार का फोकस बरकरार

खर्च के मोर्चे पर केंद्र सरकार ने निवेश आधारित रणनीति को बनाए रखा है. अप्रैल से नवंबर के बीच पूंजीगत खर्च में 28.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह पूरे साल के बजट अनुमान का लगभग 59 प्रतिशत है. CareEdge को उम्मीद है कि सरकार FY26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स लक्ष्य हासिल कर लेगी और FY27 में इसे 10 प्रतिशत बढ़ाकर 12.3 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है.

रेवेन्यू खर्च पर नियंत्रण, खर्च की गुणवत्ता स्थिर

इसके उलट, राजस्व खर्च की वृद्धि FY26 के पहले आठ महीनों में सिर्फ 1.8 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष में करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये के खर्च का युक्तिकरण किया जा सकता है. खर्च की गुणवत्ता को दर्शाने वाला कैपेक्स-टू-रेवेक्स अनुपात FY26 और FY27 दोनों में 0.3 के स्तर पर स्थिर रहने का अनुमान है.

राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण की कोशिश जारी

राजस्व दबाव के बावजूद CareEdge को उम्मीद है कि केंद्र सरकार अपने फिस्कल कंसोलिडेशन रोडमैप पर मोटे तौर पर बनी रहेगी. FY26 में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान से करीब 20 हजार करोड़ रुपये ज्यादा रह सकता है, लेकिन यह जीडीपी के 4.4 प्रतिशत तक सीमित रहने की संभावना है. FY27 में राजकोषीय घाटा 4.2 से 4.3 प्रतिशत के बीच बजट में रखा जा सकता है.

उधारी और कर्ज पर क्या है अनुमान

FY27 में सकल बाजार उधारी का अनुमान 16 से 17 लाख करोड़ रुपये लगाया गया है, जो FY26 के 14.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. वहीं, शुद्ध उधारी 11.5 से 12 लाख करोड़ रुपये रह सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, RBI की सक्रिय ऋण प्रबंधन रणनीति, जैसे सिक्योरिटी स्विचिंग, बढ़ते रिडेम्प्शन को संभालने में मदद कर सकती है.

मध्यम अवधि में कर्ज-जीडीपी अनुपात घटने की उम्मीद

मध्यम अवधि में CareEdge का अनुमान है कि केंद्र सरकार का कर्ज-जीडीपी अनुपात FY25 के अनुमानित 56.2 प्रतिशत से घटकर FY31 तक करीब 50 प्रतिशत पर आ सकता है, बशर्ते नाममात्र जीडीपी वृद्धि औसतन 10.7 प्रतिशत बनी रहे.

 


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