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केंद्रीय बजट 2026–27: शिक्षा में नवाचार और रोजगारपरकता को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम न केवल शिक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगे बल्कि भारत के युवा और देश के स्टार्टअप एवं उद्योग जगत को भविष्य के वैश्विक मुकाबले के लिए तैयार करेंगे.
रितु राणा 3 months ago
कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026–27 में शिक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी. बजट में शिक्षा में तकनीकी नवाचार, रोजगारपरक कौशल विकास और समावेशी शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित की गई हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शिक्षा में निवेश
लेडी फ्लोरेंस कॉन्वेंट स्कूल की निदेशक अरुणा डांग के अनुसार, “सरकार की मजबूत और समावेशी शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता केंद्रीय बजट 2026–27 में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है. शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन एक प्रगतिशील और समयोचित कदम है, जो शिक्षण और अधिगम के परिणामों को रूपांतरित करेगा. शिक्षा वह पहला आधार है जो किसी भी देश के वास्तविक विकास को दिशा देता है, और यह बजट विकसित भारत के विज़न के साथ पूरी तरह से सामंजस्य रखता है. मैं इस बजट को शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, रोजगारपरकता और समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखती हूँ. प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में विशेष रूप से सराहनीय है.”
रोजगार और उद्यमिता से शिक्षा का लिंक
Zell Education के को-फाउंडर और डायरेक्टर अनंत बेंगानी ने कहा, “केंद्रीय बजट 2026 शिक्षा को सीधे रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का स्पष्ट संदेश देता है. प्रस्तावित ‘Education to Employment and Enterprise’ फ्रेमवर्क, सर्विसेज-आधारित वृद्धि पर ध्यान और इंडस्ट्री-अलाइन प्रोफेशनल कोर्सेज पर जोर यह संकेत देते हैं कि भारत का युवा नौकरी के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने. कौशल विकास, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग जैसी पहलों से वित्त, अकाउंटिंग और बिज़नेस सर्विसेज जैसे सेक्टर्स के लिए टैलेंट पाइपलाइन मजबूत होगी. हमें विश्वास है कि ये कदम आउटकम-ड्रिवन शिक्षा और करियर-केंद्रित लर्निंग की मांग को बढ़ाएंगे और शिक्षार्थियों को कक्षा से कार्यबल में सहज संक्रमण में मदद करेंगे.”
उभरती तकनीक और AI मिशन
Cubastion के को-फाउंडर और CEO रवि कुमार ने कहा, “उभरती तकनीकों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर यह दर्शाता है कि टेक्नोलॉजी देश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा सकती है. AI मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, अनुसंधान फंड और R&D व इनोवेशन फंड जैसी योजनाओं को समर्थन मिलने से इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी और रिसर्च को आगे बढ़ाया जा सकेगा. इससे भारत नई तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बना रहेगा.”
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