होम / बिजनेस / स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत सिंपलर टुडे एआई को 20 लाख की सीड फंडिंग

स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत सिंपलर टुडे एआई को 20 लाख की सीड फंडिंग

सिंपलर टुडे एआई का उद्देश्य आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली कानूनी सेवाएं सुलभ और किफायती बनाना है. यह प्लेटफॉर्म शिकायत दर्ज करने से लेकर समाधान तक पूरी कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाता है, ताकि लोगों को सिस्टम में अकेले जूझना न पड़े.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

भारत की पहली एआई-आधारित कंज्यूमर लॉ फर्म सिंपलर टुडे एआई (Simpler Today AI) को स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत आईआईटी मंडी आईहब (IIT Mandi iHub) और एचसीआई फाउंडेशन (HCI Foundation) से 20 लाख रुपये की फंडिंग मिली है. यह निवेश कंपनी के प्रोडक्ट सुधार, गहन शोध और भारत की न्याय व्यवस्था के लिए स्वदेशी लीगल इंटेलिजेंस क्षमताओं के विस्तार में मदद करेगा.

एआई के जरिए आसान और किफायती कानूनी सेवाएं

सिंपलर टुडे एआई का उद्देश्य आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली कानूनी सेवाएं सुलभ और किफायती बनाना है. यह प्लेटफॉर्म शिकायत दर्ज करने से लेकर समाधान तक पूरी कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाता है, ताकि लोगों को सिस्टम में अकेले जूझना न पड़े.

यह एआई-आधारित, बहुभाषी संवादात्मक इंटरफेस के माध्यम से नागरिकों को उनके कानूनी अधिकार समझने, घटनाओं की गंभीरता का आकलन करने, संरचित और कार्रवाई योग्य शिकायत तैयार करने तथा आगे की प्रक्रिया के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है.

30 से अधिक कानूनों और 100+ उपयोग मामलों को सपोर्ट

वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 30 से अधिक कानूनों और अधिनियमों, 100 से अधिक कानूनी उपयोग मामलों और विभिन्न राज्यों के प्रारूपों को सपोर्ट करता है. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 29 पुलिस स्टेशनों में इसकी तकनीक लागू की जा चुकी है, जहां यह 35 लाख से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से सेवा दे रहा है. अब तक हजारों कानूनी इंटरैक्शन संभव हुए हैं और सैकड़ों संरचित शिकायतें तैयार की गई हैं, जिनकी कार्रवाई क्षमता पहले की तुलना में काफी अधिक रही है.

स्वदेशी एआई से न्याय व्यवस्था को मजबूती

यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह स्वदेशी एआई सिस्टम पर आधारित है, जिसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों और कानूनी संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका उद्देश्य सूचना की गुणवत्ता में सुधार, प्रक्रियागत अस्पष्टता को कम करना और न्याय प्रणाली में संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है.

संस्थापकों की प्रतिक्रिया

सिंपलर टुडे एआई के सह-संस्थापक अमित शुक्ला ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत आईआईटी मंडी आईहब और एचसीआई फाउंडेशन से मिला समर्थन इस विश्वास की मजबूत पुष्टि है कि कानूनी पहुंच राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास की बुनियाद है. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे स्वदेशी एआई सिस्टम की जरूरत है जो उसके कानूनों, भाषाओं और संस्थागत ढांचे को गहराई से समझते हों. यह फंडिंग कंपनी के लीगल इंटेलिजेंस सिस्टम को मजबूत करने और हर नागरिक के लिए न्याय को सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने के मिशन को गति देगी.

अमित शुक्ला इससे पहले ईजीगव नामक एआई-आधारित गवर्नेंस प्लेटफॉर्म की स्थापना कर चुके हैं, जिसे बाद में रिलायंस जियो ने अधिग्रहित किया था और राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सुरक्षा सेवाओं में लागू किया गया था.

भारत की न्याय व्यवस्था की बड़ी चुनौती

भारत की न्याय प्रणाली इस समय भारी संरचनात्मक दबाव का सामना कर रही है. देशभर की अदालतों में 5 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं. मौजूदा निपटान दर के अनुसार इन मामलों को खत्म करने में सैकड़ों वर्ष लग सकते हैं. कानूनी जागरूकता की कमी, शिकायत दर्ज करने में देरी और प्रक्रियागत अस्पष्टता के कारण मामलों का समाधान शुरुआती स्तर पर नहीं हो पाता, जिससे अदालतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है.

आईआईटी मंडी आईहब का बयान

आईआईटी मंडी आईहब और एचसीआई फाउंडेशन के प्रवक्ता ने कहा कि सिंपलर टुडे एआई उस तरह का डीप-टेक और जनहित आधारित नवाचार है जिसकी भारत को आवश्यकता है. कानूनी पहुंच, स्वदेशी एआई और संस्थागत अपनाने पर इसका फोकस स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के उद्देश्यों के अनुरूप है. टीम में भारत की न्याय और शासन प्रणाली में बड़े और विस्तार योग्य प्रभाव पैदा करने की क्षमता है.

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दौर में नई दिशा

एआई-आधारित प्लेटफॉर्म जैसे सिंपलर टुडे एआई न्याय प्रणाली के प्रवेश बिंदुओं पर जटिलताओं को कम कर सकते हैं. इससे नागरिकों को बेहतर परिणाम मिलेंगे और न्याय व्यवस्था पर दबाव भी घटेगा.

भारत जब डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में स्वदेशी लीगल एआई समाधान भविष्य में न्याय वितरण प्रणाली को बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का निप्पॉन-यस बैंक मामले को सयोनारा, सीबीआई अभी भी कह रहा है, इतनी जल्दी नहीं

निप्पॉन इंडिया MF को करीब ₹92.46 करोड़ का भुगतान करना होगा. कंपनी के सीईओ सुंदीप सिक्का और फंड मैनेजर अमित त्रिपाठी को 2.1-2.1 करोड़ रुपये देने होंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुल भुगतान करीब ₹97 करोड़ होगा. सेबी का आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है.

3 hours ago

सितंबर में भारत की कारोबारी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार, फ्लैश PMI 56.5 पर पहुंचा

सर्वे के अनुसार, सितंबर में भारत के निजी क्षेत्र में नए कारोबार में तेजी आई. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों में मांग में सुधार हुआ, हालांकि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नए ऑर्डर की वृद्धि अधिक मजबूत रही.

3 hours ago

रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात 63% बढ़कर ₹38,424 करोड़

FY26 में रक्षा उत्पादन 15.6% बढ़ा, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी बढ़कर 24% हुई; भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है.

3 hours ago

S&P ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, महंगाई बढ़ी तो RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट

जून तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP ग्रोथ के बाद रेटिंग एजेंसी ने बढ़ाया FY27 का अनुमान; मजबूत खपत, औद्योगिक गतिविधियों, निर्यात और सरकारी निवेश से अर्थव्यवस्था को मिला सहारा

7 hours ago

PhonePe को UAE में दो पेमेंट लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक मंजूरी, अंतरराष्ट्रीय विस्तार की ओर बढ़ी कंपनी

UAE के सेंट्रल बैंक ने रिटेल पेमेंट सर्विसेज और कार्ड स्कीम्स तथा स्टोर्ड वैल्यू फैसिलिटीज के लिए दी इन-प्रिंसिपल अप्रूवल; कारोबार शुरू करने से पहले लेनी होगी अंतिम मंजूरी

7 hours ago


बड़ी खबरें

रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात 63% बढ़कर ₹38,424 करोड़

FY26 में रक्षा उत्पादन 15.6% बढ़ा, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी बढ़कर 24% हुई; भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है.

3 hours ago

सितंबर में भारत की कारोबारी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार, फ्लैश PMI 56.5 पर पहुंचा

सर्वे के अनुसार, सितंबर में भारत के निजी क्षेत्र में नए कारोबार में तेजी आई. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों में मांग में सुधार हुआ, हालांकि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नए ऑर्डर की वृद्धि अधिक मजबूत रही.

3 hours ago

सेबी का निप्पॉन-यस बैंक मामले को सयोनारा, सीबीआई अभी भी कह रहा है, इतनी जल्दी नहीं

निप्पॉन इंडिया MF को करीब ₹92.46 करोड़ का भुगतान करना होगा. कंपनी के सीईओ सुंदीप सिक्का और फंड मैनेजर अमित त्रिपाठी को 2.1-2.1 करोड़ रुपये देने होंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुल भुगतान करीब ₹97 करोड़ होगा. सेबी का आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद है.

3 hours ago

अडानी ग्रुप की 5 कंपनियों ने सेबी के साथ निपटाया मामला, चुकाए 1.5 करोड़ रुपये

सेबी के मौजूदा निपटान आदेश में जिन मामलों का निपटारा किया गया है, वे संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों पर केंद्रित हैं.

10 hours ago

Tata Sierra Dark Edition की कीमत ₹13.99 लाख से शुरू, ब्लैक एक्सटीरियर के साथ मिलेंगे ये फीचर्स

Tata Sierra Dark Edition को छह वेरिएंट में पेश किया गया है, जबकि इंजन और गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

6 hours ago