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टू-व्हीलर बाजार को मिला इलेक्ट्रिक बूस्ट, FY27 में 5% तक ग्रोथ का अनुमान: ICRA
ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक FY27 में भारतीय दोपहिया उद्योग में सालाना 3-5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में आने वाले वित्त वर्ष FY27 के दौरान स्थिर लेकिन मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने अनुमान जताया है कि घरेलू टू-व्हीलर इंडस्ट्री 3 से 5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है. हालांकि कमजोर मानसून और हाई बेस इफेक्ट जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बढ़ती मांग, ग्रामीण बाजार में सुधार और निर्यात में तेज उछाल सेक्टर को नई रफ्तार दे रहे हैं.
FY27 में कैसी रहेगी दोपहिया बाजार की चाल
ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक FY27 में भारतीय दोपहिया उद्योग में सालाना 3-5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हो सकती है. एजेंसी का कहना है कि बाजार में मांग बनी हुई है, लेकिन पिछले सालों की तेज बिक्री के कारण तुलना का आधार काफी ऊंचा हो गया है. इसके अलावा कमजोर मानसून की आशंका भी बाजार की रफ्तार पर असर डाल सकती है.
मांग को सपोर्ट कर रहे हैं ये बड़े फैक्टर्स
रिपोर्ट के अनुसार रेगुलेटरी सुधार, रिप्लेसमेंट डिमांड और स्थिर उपभोक्ता मांग जैसे कई स्ट्रक्चरल फैक्टर्स दोपहिया बाजार को मजबूती दे रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में आय में स्थिरता और कृषि क्षेत्र से बेहतर नकदी प्रवाह भी बिक्री को सहारा दे रहे हैं.
अप्रैल 2026 में बिक्री ने पकड़ी रफ्तार
नए वित्त वर्ष की शुरुआत टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिए शानदार रही. अप्रैल 2026 में घरेलू थोक बिक्री में 29 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और बिक्री बढ़कर 1.9 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई. ICRA के मुताबिक GST 2.0 सुधारों के बाद वाहनों की कीमतें अपेक्षाकृत किफायती होने से मांग में तेजी आई. वहीं खुदरा बिक्री में भी 13 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई. शादी सीजन, सीमित कीमत बढ़ोतरी और ग्रामीण मांग में सुधार ने बाजार को सपोर्ट किया.
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बना सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर
देश में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर यानी e2W सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है. अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 68 फीसदी बढ़कर 1.54 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंच गई. अब कुल टू-व्हीलर बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8 फीसदी हो गई है.
ICRA का कहना है कि बेहतर रेंज, नए मॉडल और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट की वजह से ग्राहकों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है. पेट्रोल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अब ज्यादा किफायती विकल्प बनते जा रहे हैं.
निर्यात बाजार से भी मिला बड़ा सहारा
घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात बाजार में भी भारतीय कंपनियों को मजबूत बढ़त मिली है. अप्रैल 2026 में टू-व्हीलर एक्सपोर्ट में 38 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे पहले पूरे FY26 में निर्यात 23 फीसदी बढ़ा था.
वैश्विक बाजारों में किफायती और फ्यूल एफिशिएंट वाहनों की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों को फायदा मिल रहा है. कई विदेशी बाजारों में भारतीय ब्रांड अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं.
कमजोर मानसून और महंगे कच्चे माल की चिंता
हालांकि ICRA ने कुछ जोखिमों को लेकर भी चेतावनी दी है. मौसम विभाग की ओर से अल नीनो के असर के चलते कमजोर मानसून की आशंका जताई गई है. अगर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश कमजोर रहती है तो दोपहिया वाहनों की मांग प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा कच्चे माल की बढ़ती कीमतें कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे मुनाफे पर दबाव आने का खतरा बना रहेगा.
पश्चिम एशिया तनाव बढ़ा सकता है दबाव
रिपोर्ट में पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव को भी बड़ा जोखिम बताया गया है. अगर यह तनाव लंबा खिंचता है तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है. इसका सीधा असर वाहन कंपनियों की लागत और निर्यात कारोबार पर पड़ सकता है.
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