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हड़ताल से हाहाकार, कई जगह सूखे पेट्रोल पंप; खुफिया तंत्र की भूमिका पर भी सवाल
देशभर में नए हिट एंड रन कानून के विरोध में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल जारी है. इस हड़ताल के चलते कई जगह पेट्रोल पंप सूख चुके हैं.
नीरज नैयर 2 years ago
ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के चलते आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नए हिट एंड रन कानून के विरोध में पूरे देश के ट्रक ड्राइवर तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं. इस हड़ताल में फ्यूल टैंकरों के ड्राइवर भी शामिल हैं, जिसकी वजह से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कई जगहों पर पेट्रोल पंप सूख चुके हैं. यानी वहां पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है. जहां तेल मिल रहा है, वहां लंबी-लंबी कतारें हैं. इंदौर में भी कमोबश यही हालात हैं. वहीं, दिल्ली में भी हालात नाजुक बने हुए हैं. यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो दिल्लीवासियों की मुसीबत बढ़ जाएगी.
जल्द सामान्य होगी स्थिति
भोपाल में यात्री बस और स्कूल बस संचालक भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं. इसके अलावा, प्राइवेट एम्बुलेंस ऑपरेटरों के भी हड़ताल से जुड़ने की खबर है. राजधानी में सोमवार शाम से ही कई पेट्रोल पंपों पर तेल मिलना बंद हो गया था. आज भी यही स्थिति बनी हुई है. हालांकि, मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि शाम तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. BW हिंदी से बातचीत में उन्होंने बताया कि फ्यूल टैंकरों के ड्राइवर काम पर लौटने को तैयार हो गए हैं और जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को कानून को लेकर भ्रमित किया गया था. हमने उन्हें समझाया है कि नए कानून से डरने वाली कोई बात नहीं है. लिहाजा, वह काम पर लौटने को तैयार हो गए हैं.
नहीं हुआ कोई नुकसान
हड़ताल से नुकसान के सवाल पर अजय सिंह ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालकों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ. उल्टा उनकी सेल ज्यादा हो गई. उन्होंने बताया कि भोपाल जिले में कुल 151 पेट्रोल पंप हैं. जिले में 10 लाख लीटर पेट्रोल और 12 लाख लीटर डीजल की प्रतिदिन खपत होती है. सोमवार को हड़ताल की वजह से घबराहट में भारी संख्या में लोग तेल भरवाने पहुंचे और एक दिन में ही करीब 16 लाख लीटर पेट्रोल और 13-14 लाख लीटर डीजल की खपत हो गई. हालांकि, इसके चलते पेट्रोल पंपों पर स्टाक में रखा ईंधन कई जगह खत्म हो गया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है.
मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह हड़ताल से उपजे हालात को खुफिया तंत्र की नाकामी करार देते हैं. उनका यह भी कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर हड़ताल के मद्देनजर कोई रणनीति नहीं बनाई गई. प्रशासन ने फ्यूल टैंकरों के ड्राइवरों को भी समझाने का प्रयास तक नहीं किया. हमारे स्तर पर उन्हें समझाया गया कि नए कानून से डरने वाली बात नहीं है, इसके बाद ही वह काम पर लौटने के लिए तैयार हुए हैं. कुछ पंपों पर फ्यूल टैंकर पहुंच चुके हैं और बाकी जगहों पर भी आपूर्ति जल्द ही शुरू हो जाएगी.
कुछ जगह शुरू हुई सप्लाई
पेट्रोल की मांग अचानक बढ़ने और फ्यूल टैंकर के नहीं पहुंचने से सोमवार शाम होते-होते भोपाल के 15 के करीब पेट्रोल पंप सूख गए थे. कुछ पंपों पर केवल डीजल मिल रहा था. मंगलवार दोपहर तक कुछ जगह पेट्रोल मिलना शुरू हो गया था. हुजूर में कटारा स्थित बालाजी सेल्स एंड सर्विस के संचालक विकेश साहू ने बताया कि स्टॉक खत्म होने के चलते सोमवार को पंप बंद करना पड़ा था, लेकिन अब आपूर्ति शुरू हो गई है. बता दें कि हड़ताल की सूचना के बाद बड़े डीलर्स और पेट्रोल पंप मालिकों ने कुछ दिनों का सरप्लस स्टॉक रख लिया था, लेकिन क्रेडिट और स्टोरेज लिमिटेशन की वजह से छोटे डीलर ऐसा नहीं कर पाए. इसकी वजह से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित हुई है.
दिल्ली में बिगड़ सकते हैं हालात
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