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राजधानी में देशभर से जुटे व्यापारियों का ऐलान: तुर्की-अजरबैजान के साथ अब नहीं होगा कारोबार
यह व्यापारिक बहिष्कार का फैसला सिर्फ एक आर्थिक कदम नहीं बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि भारत विरोधी रुख अपनाने वालों को भारतीय बाजार में कोई स्थान नहीं मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में व्यापारियों ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए तुर्की और अजरबैजान के साथ हर प्रकार के व्यापार और सहयोग को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया है. इस सम्मेलन में 24 राज्यों से आए 125 से अधिक शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया.
आयात-निर्यात और साझेदारी पर पूर्ण विराम
सम्मेलन में यह तय किया गया कि भारत के व्यापारी अब तुर्की और अजरबैजान के उत्पादों का देशव्यापी बहिष्कार करेंगे. इन देशों से आयात-निर्यात पूरी तरह बंद किया जाएगा. साथ ही, भारतीय निर्यातकों, आयातकों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को इन देशों की कंपनियों या संस्थानों के साथ किसी भी प्रकार की साझेदारी से रोका जाएगा.
पर्यटन और फिल्म उद्योग से भी अपील
व्यापारियों ने यात्रा एजेंसियों और इवेंट प्लानर्स से अनुरोध किया है कि वे तुर्की और अज़रबैजान को पर्यटन या व्यावसायिक गंतव्य के रूप में प्रचारित न करें. साथ ही, भारतीय फिल्म उद्योग से भी अपील की गई है कि वे इन देशों में फिल्म की शूटिंग न करें. यदि कोई फिल्म वहाँ शूट होती है, तो उसका बहिष्कार किया जाएगा. यह भी तय किया गया कि कोई भी कॉरपोरेट हाउस इन देशों में अपने उत्पादों के प्रमोशन की शूटिंग नहीं करेगा.
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुटता
व्यापारिक समुदाय का यह कदम तुर्की और अज़रबैजान द्वारा हाल ही में पाकिस्तान के पक्ष में दिए गए बयानों के विरोध में उठाया गया है. सम्मेलन में कहा गया कि जब भारत एक संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा संकट से गुजर रहा है, तब इन देशों का पाकिस्तान का समर्थन भारत के प्रति विश्वासघात जैसा है.
CAIT के नेताओं ने जताई नाराजगी
सभा को संबोधित करते हुए CAIT के महासचिव एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि तुर्की और अज़रबैजान की भारत विरोधी स्थिति न केवल हमारी संप्रभुता पर हमला है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का भी अपमान है. CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने इन देशों की नीतियों को अकृतज्ञ और भारत विरोधी बताते हुए कहा कि व्यापारिक समुदाय ऐसे किसी भी देश को भारत से आर्थिक सहयोग या व्यापारिक लाभ नहीं देगा.
सरकार से नीति समीक्षा की मांग
व्यापारियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि विदेश और वाणिज्य मंत्रालय इन देशों के साथ सभी प्रकार के संबंधों की नीति स्तर पर समीक्षा करें और आवश्यक कदम उठाएं. इसके लिए संबंधित मंत्रालयों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा.
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