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क्या बिखरने वाला है बाजार? इस इकोनॉमिस्ट की चेतावनी सुनकर सहम जाएगा हर निवेशक
2008 में अमेरिका के बैंक संकट के चलते पूरी दुनिया मंदी की चपेट में आ गई थी. शेयर बाजार भी बिखर गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
रिकॉर्ड तेजी से दौड़ रहे शेयर बाजार (Stock Market) पर क्या ब्रेक लगने वाला है? एक दिग्गज अर्थशास्त्री ने बाजार को लेकर बेहद डरावनी बात कही है. उनका कहना है कि निकट भविष्य में शेयर बाजार साल 2008 की महामंदी का सामना करेगा. मालूम हो कि 2008 में दिग्गज अमेरिकी बैंक लेहमैन ब्रदर्स डूब गया था. इसके बाद पूरी दुनिया मंदी की चपेट में आ गई थी. अभी रिकॉर्ड तेजी से दौड़ रहा बाजार रेंगने लगा था और उस स्थिति से बाहर निकलने में उसे लंबा समय लगा था.
तूफ़ान से पहले की शांति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के चर्चित अर्थशास्त्री हैरी डेंट (Economist Harry Dent) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि निकट भविष्य में स्टॉक मार्केट में बड़ी ऐतिहासिक गिरावट का सामना कर सकता है. फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में 71 वर्षीय डेंट ने कहा कि शेयर बाजार में तूफान से पहले की शांति है. जब बाजार का बुलबुला फूट जाएगा तो साल 2008 की महामंदी से भी बड़ी गिरावट आएगी. हैरी डेंट एक प्रमुख अर्थशास्त्री हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर खुलकर अपनी राय व्यक्त करते रहे हैं. शेयर बाजार को लेकर उनकी इस चेतवानी को नज़रंदाज नहीं किया जा सकता.
इतनी आएगी गिरावट!
डेंट ने कहा कि शेयर बाजार का यह बुलबुला पूरी तरह से कृत्रिम है. अधिकांश बुलबुले 5-6 वर्षों तक पहचाने नहीं जाते हैं. बाजार का मौजूदा बुलबुला 14 वर्षों से चल रहा है. ऐसे में जब फूटेगा तो बाजार में 2008 की मंदी से भी बड़ी गिरावट आएगी. डेंट ने आगे कहा कि स्थिति लंबे समय तक एक जैसी नहीं रहेगी. मुझे लगता है कि हम अमेरिकी बाजार के सूचकांक एसएंडपी को 86% और नैस्डैक को 92% नीचे जाते हुए देखेंगे. यदि हैरी डेंट की यह बात सही होती है, तो इसका असर केवल अमेरिका तक ही सीमित नहीं रहेगा. भारत सहित दुनियाभर के बाजार बिखर जाएंगे.
निवेशकों का सहमना लाजमी
2008 की महामंदी में दुनिया भर के बाजार क्रैश हो गए थे. निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था. इस मंदी के बाद व्यापक स्तर पर छंटनी का दौर भी शुरू हुआ था. दरअसल, 2008 में बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों के डूबने के डर से निवेशकों ने करेंसी मार्केट से एक ही झटके में 196 बिलियन डॉलर निकाल लिए थे, जिसके चलते अमेरिका सहित पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी आ गई. इसका प्रभाव डेढ़ साल तक रहा था. भारतीय शेयर बाजार में भी उस समय बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. ऐसे में अर्थशास्त्री हैरी डेंट की चेतावनी से निवेशकों का सहमना लाजमी है.
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