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बिजली की परेशानी से बचने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम, अब नहीं होगी समस्या
बिजली की समस्या से बचने के लिए कोयला मंत्रालय ने कोल को आयात किए जाने के समय में इजाफा कर दिया है. अब कोयला मार्च तक आयात किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
पिछले साल बिजली की समस्या गहराने के बाद कई राज्यों ने ये सवाल उठाया था कि उनके बिजली उत्पादन इकाईयों के पास कोयला नहीं है. इसी के कारण बिजली की कटौती का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि सरकार ने इससे इनकार किया था. लेकिन इस बार सरकार ने कोयले के आयात की समय सीमा को बढ़ा दिया है. सरकार के आदेश के बाद अब मार्च तक कोयला आयात किया जा सकेगा. इससे बिजली का संकट पैदा नहीं होगा. इस साल अगस्त में कोयले की मांग में जबर्दस्त इजाफा देखने को मिला है.
अब मार्च तक हो सकेगी बिजली घरों को कोयले की सप्लाई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जो भी बिजली के संयत्र कोयले से चलते हैं उन्हें निर्देश दिया गया है कि वो 4 प्रतिशत कोयले का इंपोर्ट मार्च तक कर सकते हैं. इससे वो निर्बाध तरीके से बिजली की सप्लाई कर सकेंगे. इससे पहले सरकार ने सितंबर तक ही बिजली के लिए कोयले के आयात की अनुमति दी थी. लेकिन अब इसे मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
क्यों लिया गया है ये फैसला
फैसले के कारणों के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया है कि इस साल अगस्त में लगातार मांग में इजाफा होने के कारण ये फैसला लिया गया है. अगस्त महीने में हुई गर्मी के कारण किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पंप चलाना पड़ा है. देश के कई राज्यों में गर्मी बढ़ने के कारण एसी और दूसरे उपकरणों की मांग बढ़ी है जिसका असर बिजली पर आया है. शुक्रवार को बिजली की मांग में इजाफे ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जबकि भारत में अप्रैल से जून के बीच में बिजली की मांग में इजाफा देखने को मिलता है उसी वक्त बिजली की मांग ज्यादा होने के कारण बिजलीघरों को ज्यादा उत्पादन करना पड़ता है.
आखिर कितनी देखने को मिली मांग?
शुक्रवार को देश में लगभग 240 गीगावाट की अधिकतम मांग देखने को मिली है. ये आंकड़ा तब देखने को मिला जब एक दिन पहले ही मांग ने भी रिकॉर्ड बनाया था. इस शुक्रवार को पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा मांग देखने को मिली थी. बिजली की मांग में हुए इस इजाफे के कारण बिजलीघरों में माल की मांग में इजाफा देखने को मिला. बिजलीघरों में अब 11 दिनों का माल बचा है, जबकि जून की शुरुआत में ये 14 दिन भी था. इस बार गर्मी के मौसम में हुई बारिश के कारण मांग में ज्यादा इजाफा देखने को नहीं मिला था.
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