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प्रॉगशक्ति पहल से महिलाओं की क्रेडिट लिमिट 105% बढ़ी, टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमएसएमई ग्रोथ तेज
प्रॉगशक्ति के माध्यम से, प्रॉगकैप का लक्ष्य भारत भर में महिला उद्यमियों तक पूंजी की पहुंच बढ़ाना और उनकी क्षमताओं को मजबूत करके एक अधिक समावेशी वित्तीय इकोसिस्टम तैयार करना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत में महिला उद्यमियों के लिए बैंक से ऋण लेना अब आसान होता जा रहा है. प्रॉगकैप की फिनटेक पहल प्रॉगशक्ति ने महिलाओं की क्रेडिट लिमिट में 105% की बढ़ोतरी दर्ज की है और टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.
महिला उद्यमियों को बैंकिंग चुनौतियों का सामना
भारत में महिला उद्यमियों के लिए औपचारिक ऋण लेना अक्सर कठिन होता है. कोलेटरल की कमी, सीमित क्रेडिट इतिहास और जटिल बैंकिंग प्रक्रियाओं के कारण उनके लोन आवेदन पुरुषों की तुलना में अधिक अस्वीकृत होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों के लोन आवेदन लगभग 8% अस्वीकृत होते हैं, जबकि महिलाओं के मामले में यह आंकड़ा 19% तक पहुंच जाता है. स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के अनुसार, महिला उद्यमियों को लगभग 35% क्रेडिट गैप का सामना करना पड़ता है, जबकि पुरुषों के लिए यह 20% है. इससे महिलाओं द्वारा संचालित व्यवसायों को संस्थागत वित्त तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों की झलक मिलती है.
महिला उद्यमियों के लिए क्रेडिट का नया रास्ता
इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई फिनटेक कंपनी प्रॉगकैप ने ‘प्रॉगशक्ति’ पहल शुरू की है. इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को बिना कोलेटरल या सह-आवेदक के ऋण उपलब्ध कराना और व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करना है. कंपनी की सह-संस्थापक पल्लवी श्रीवास्तव के अनुसार, कई बार महिलाओं को ऋण लेने के लिए कोलेटरल देना पड़ता है या किसी पुरुष को सह-आवेदक बनाना पड़ता है. प्रॉगशक्ति के तहत इन बाधाओं को कम किया गया है ताकि महिलाएं आसानी से ऋण ले सकें. इसके साथ ही प्रशिक्षण और व्यवसाय सहायता भी दी जाती है.
10,000 करोड़ रुपये से अधिक का क्रेडिट पहुंचा महिलाओं तक
कंपनी के अनुसार, अब तक प्रॉगशक्ति पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का क्रेडिट उपलब्ध कराया जा चुका है. समय के साथ महिला उधारकर्ताओं की क्रेडिट लिमिट में 105% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो उनके व्यवसाय के विस्तार को दर्शाती है. लगभग 90% महिला उधारकर्ता दोबारा फाइनेंसिंग के लिए लौटती हैं, जो औपचारिक क्रेडिट व्यवस्था में बढ़ते विश्वास का संकेत है.
टियर 2 और टियर 3 शहरों में तेजी
वर्तमान में महिला उधारकर्ता प्रॉगकैप के कुल पोर्टफोलियो का 17% हिस्सा हैं और यह संख्या हर साल लगभग 40% की दर से बढ़ रही है. इनमें से करीब 90% उद्यमी टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं.
महिला उद्यमियों की संख्या के मामले में गाजियाबाद सबसे आगे है. इसके बाद लखनऊ, जयपुर सिटी, बेंगलुरु साउथ और पटना जैसे शहर हैं, जहां महिला उद्यमी प्रॉगशक्ति के माध्यम से ऋण प्राप्त कर रही हैं.
समावेशी वित्तीय इकोसिस्टम का लक्ष्य
प्रॉगशक्ति के माध्यम से, प्रॉगकैप का लक्ष्य भारत भर में महिला उद्यमियों तक पूंजी की पहुंच बढ़ाना और उनकी क्षमताओं को मजबूत करके एक अधिक समावेशी वित्तीय इकोसिस्टम तैयार करना है.
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