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इस साल होली का कारोबार 80,000 करोड़ पार, बाजार में हर्बल गुलाल और पिचकारी की बिक्री में तेजी
ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासंघ (Cait) ने भारतीय उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उत्सव खर्च में करीब 25% की वृद्धि का अनुमान लगाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत में होली उत्सव इस साल 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने की संभावना है. यह पिछले साल के अनुमानित 60,000 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, यह जानकारी ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासंघ (Cait) ने साझा की है. कैट ने इस वृद्धि का श्रेय मजबूत उपभोक्ता मांग और घरेलू उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता को दिया. यह रुझान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” अभियान के अनुरूप है.
कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इस साल भारतीय उत्पाद बाजार में प्रमुखता से बिक रहे हैं. हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारी, गुब्बारे, पूजा सामग्री, चंदन, वस्त्र और अन्य उत्सव-संबंधी सामान की बिक्री में जोरदार वृद्धि देखने को मिली है. उन्होंने यह भी बताया कि 2021 के बाद चीनी उत्पादों की बाजार में उपस्थिति में काफी गिरावट आई है.
होली के अलावा अन्य मांग
होली से जुड़ी वस्तुओं के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम, फूल, फल, वस्त्र, गृह सजावट के कपड़े, किराने का सामान, FMCG उत्पाद और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की भी मांग बढ़ी है. सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा और सलवार सूट, जो परंपरागत रूप से उत्सवों में पहने जाते हैं, साथ ही “हैप्पी होली” प्रिंटेड टी-शर्ट्स भी तेजी से बिक रहे हैं.
कैट के आंकड़ों के अनुसार, केवल दिल्ली में ही होली व्यापार 15,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. राजधानी के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जहां दुकानों में रंग-बिरंगे गुलाल, इनोवेटिव पिचकारियां, गुजिया माला और उत्सव-गिफ्ट पैक सजाए गए हैं. मिठाई की दुकानों में भी पारंपरिक होली व्यंजन, जैसे गुजिया, की मांग बढ़ी है.
बड़े पैमाने पर आयोजन और उत्सव
खंडेलवाल ने कहा कि देशभर में होली समारोह बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा रहे हैं. दिल्ली में 3,000 से अधिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें व्यापार निकायों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठन भी शामिल हैं. बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक पार्क लगभग पूरी तरह से बुक हो चुके हैं.
दिल्ली में होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा, जिसके अगले दिन 4 मार्च को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा. उपभोक्ता हर्बल और प्राकृतिक रंगों की ओर बढ़ते रुझान दिखा रहे हैं, जबकि बच्चों में लोकप्रिय पात्रों जैसे स्पाइडर-मैन और छोटा भीम थीम वाली पिचकारियों में खासा आकर्षण देखा जा रहा है.
आर्थिक महत्व
खंडेलवाल ने कहा कि भारत में त्योहार आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर व्यापार अवसर उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस साल की होली देशभर के व्यापारियों, रिटेलर्स, छोटे व्यवसायों, कुटीर उद्योगों और MSME क्षेत्र को लाभ पहुंचाएगी.
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