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इस विदेशी फर्म को Byju's में निवेश करना पड़ा भारी, हुआ 40 हजार करोड़ का नुकसान
प्रोसस ने बायजूज में निवेश कोरोना महामारी से पहले 2019 में शुरू किया था. उस वक्त बायजूज दुनिया का सबसे चमकता स्टार्टअप था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर प्रोसस (Prosus) को बायजूज (Byju's) में निवेश करना बहुत भारी पड़ा है. दरअसल, प्रोसस इनवेस्टमेंट फर्म ने अपनी वित्त वर्ष 2024 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि उसे बायजूज में निवेश पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये (49.3 करोड़ डॉलर) का नुकसान हुआ है. फर्म के पास बायजूज की वित्तीय स्थिति देनदारियों और भविष्य के नजरिए के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. ऐसे में फर्म ने अब एक बड़ा फैसला लिया है. तो आइए आपको इस मामले की पूरी जानकारी देते हैं.
वैल्यूएशन किया जीरो
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नीदरलैंड की इन्वेस्टमेंट फर्म प्रोसस ने एजुटेक स्टार्टअप बायजूज में अपनी 9.6 प्रतिशत हिस्सेदारी की पूरी कीमत बट्टे खाते में डाल दी है. इसका मतलब है कि प्रोसस ने मान लिया है कि बायजूज में उसका पूरा निवेश डूब गया और उसे वहां से अब कोई फायदा नहीं होने वाला. यह शायद पहली बार है, जब किसी बड़े निवेशक ने टेक स्टार्टअप में अपने इतने बड़े इन्वेस्टमेंट को बट्टे खाते में डाला हो. प्रोसस ने बायजूज की वैल्यूएशन शून्य (Zero) आंकी है. उसने अपनी वित्त वर्ष 2024 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि उसे बायजूज में निवेश पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये (49.3 करोड़ डॉलर) का नुकसान हुआ है. आपको बता दें, फाइनेंशियल फर्म HSBC ने भी बायजूज की वैल्यूएशन जीरो कर दी थी.
कोरोना काल से पहले किया था निवेश
प्रोसस ने बायजूज में निवेश कोरोना महामारी से पहले 2019 में शुरू किया था. उस वक्त बायजूज स्टार्टअप दुनिया का सबसे चमकता सितारा थी. यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन चुकी बायजूज के बारे में लोगों का मानना था कि कोरोना महामारी के दौर में इसका कारोबार काफी बढ़ने वाला है, क्योंकि उस वक्त लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू थीं, ऐसे में ऑनलाइन स्टडी पर जोर दिया जा रहा था.
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ऐसे खराब हुई बायजूज की स्थिति
कोरोनाकाल खत्म होने के बाद बायजूज के लिए चीजें काफी खराब हो गईं और उसका कारोबार पटरी से उतर गया. उसने अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को भी खरीद लिया, चाहे वे सफल थी या फिर नाकाम, उसका फोकस ऑनलाइन एजुकेशन पर अधिक था, लेकिन स्टूडेंट्स ने फिजिकल क्लासेज को ज्यादा महत्व दिया. फिर बायजूज के मैनेजमेंट और शेयरहोल्डर्स के बीच तनाव बढ़ने लगा. खुद प्रोसस ने कई मामलों में नाराजगी जताई थी.
44 हजार करोड़ किए थे निवेश
प्रोसेस ने 2019 से अलग-अलग चरण में बायजूज में करीब 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया था. कंपनी ने जानकारी दी है कि बायजूज का वैल्यूएशन शून्य करने और निवेश को बट्टे में डालने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था. उन्हें बायजूज की वित्तीय स्थिति और देनदारियों के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है. उन्हें यह भी नहीं पता कि कंपनी की भविष्य की योजना क्या है.
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