होम / बिजनेस / बिकने जा रही है सैंडविच बनाने वाली ये नामी कंपनी SUBWAY, जानते हैं कौन है खरीददार?
बिकने जा रही है सैंडविच बनाने वाली ये नामी कंपनी SUBWAY, जानते हैं कौन है खरीददार?
मौजूदा समय में SUBWAY के भारत से लेकर पूरी दुनिया में 37 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट चल रहे हैं. कंपनी की ओर से अभी इस डील की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अपने बेहतरीन सैंडविच के लिए जानी जाने वाली कंपनी SUBWAY को रोर्क कैपिटल खरीदने जा रही है. रोर्क कैपिटल (Roark Capital) SUBWAY को 9 बिलियन डॉलर में खरीदने में जा रही है. SUBWAY को लेकर चल रही नीलामी की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. SUBWAY के लिए कई इक्विटी फर्म ने बोलियां लगाई थी. लेकिन आखिरकार रोर्क कैपिटल की 9 बिलियन की बोली कामयाब रही और अब SUBWAY को यही कंपनी खरीदने जा रही है.
कुल तीन कंपनियों ने लगाई 9 बिलियन की बोली
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार SUBWAY को खरीदने के लिए कुल तीन कंपनियों ने 9 बिलियन की बोलियां लगाई थी. लेकिन बाकी दो जिनमें टीडीआर कैपिटल और सिकामोर कैपिटल की देर से लगाई गई बोलियां हार गई. SUBWAY को आखिरकार रोर्क कैपिटल अपनी बोली से अपने पाले में लाने में कामयाब रही. SUBWAY वो कंपनी है जिसके 100 देशों में 37 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं. हालांकि अभी इस पूरी डील की शर्तों का खुलासा नहीं हुआ है.
इस सौदे के बाद रोर्क कैपिटल बन जाएगा सबसे बड़ा प्लेयर
SUBWAY की डील पूरी हो जाने के बाद रोर्क कैपिटल इस चेन में सबसे बड़ा प्लेयर बन जाएगा. मौजूदा समय में जिमी जोन्स, ऑर्बीज, बास्किन रॉबिन्स और बफेलो वाइल्ड विंग्स सहित कई रेस्तरां श्रृंखलाओं के मालिक इंस्पॉयर ब्रैंड को कंट्रोल करता है. SUBWAY की ओर से फरवरी में कहा गया था कि वो एक खरीददार की तलाश कर रहा है, जिसमें रोर्क कैपिटल, एडवेंट इंटरनेशनल, टीडीआर कैपिटल और टीपीजी के साथ-साथ गोल्डमैन सैक्स की असेट मैनेजमेंट आर्म्स मौजूद थी.
कैसे शुरू हुआ सबवे का सफर?
सबवे की शुरुआत 1965 में ब्रिजपोर्ट कनेक्टिकट से हुई थी. जहां कंपनी ने अपने पहले आउटलेट पीट्स सुपर सबमरीन की शुरुआत की थी. इसकी स्थापना 17 वर्षीय फ्रेड डेलुका और उनके पारिवारिक मित्र पीटर बक ने की थी. पोपीज और चिक-फिल-ए जैसे कॉम्पटीटरों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा. जब तक कंपनी की टर्नअराउंटड योजना नहीं बन गई तब तक उसने अपने मेनू को नया रूप दिया और मार्केटिंग का खर्च लगातार बढ़ाता रहा.
टैग्स