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ट्रेड यूनियनों की ये डिमांड अमीरों की बढ़ा सकती है परेशानी, जानते हैं क्या है ये?
अमीरों पर वेल्थ टैक्स का विचार पहली बार तब सामने आया है जब इस बार लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से अमीरों से पैसा लेकर गरीबों में दिए जाने की बात भी सामने आई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जुलाई के आखिरी हफ्ते में आने जा रहे बजट को लेकर इन दिनों वित्त मंत्री सभी स्टेकहोल्डरों से मुलाकात कर रही हैं. अब तक वो किसानों से लेकर कई उद्योगों से जुड़े लोगों से मुलाकात कर चुकी हैं. इसी कड़ी में वित्त मंत्री से सभी ट्रेड यूनियनों ने भी मुलाकात की है. लेकिन ट्रेड यूनियनों ने जो मांगे वित्त मंत्री के सामने रखी हैं अगर वो उन्हें मानती हैं तो अमीरों के पसीना आ सकता है. ट्रेड यूनियनों ने अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की मांग की है और आठवां वेतन आयोग लागू करने सहित कई और मांगों को रखा है.
आखिर क्या है ट्रेड यूनियनों की मांग?
जिन ट्रेड यूनियनों ने वित्त मंत्री से मुलाकात की उनमें भारतीय मजदूर संघ, AITUC CITUI, NTUC, और AIUTUC सहित 12 ट्रेड यूनियनों के नेता शामिल रहे. वित्त मंत्री को 10 ट्रेड यूनियनों ने अपना प्रस्ताव दिया है जिसमें उन्होंने कई मांगों को रखा है. इन सभी ट्रेड यूनियनों ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी. वित्त मंत्री 22 जुलाई को बजट पेश करने जा रही हैं तो ऐसे में इन दिनों वो सभी संगठनों से बातचीत कर उनकी बजट से उम्मीदों को लेकर बात कर रही हैं.
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आखिर क्या है मजदूर संगठनों की मांग?
मजदूर संगठनों का कहना है कि अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाया जाना चाहिए. मजदूर संगठनों का कहना है कि देश में इस वक्त कोई 10 प्रतिशत सुपर रिच अमीर रहते हैं, उन 10 प्रतिशत सुपर रिच लोगों पर 2 प्रतिशत वेल्थ टैक्स लगना चाहिए. उनसे लिया गया ये 2 प्रतिशत पैसा गरीबों से जुड़ी योजनाओं में लगना चाहिए. मजदूर संगठनों का कहना है कि ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से बहाल किया जाना चाहिए. मीटिंग में शामिल लोगों ने अपनी बात बताते हुए कहा कि लेबर रिफार्म्स को लेकर अगर सरकार कुछ भी करती है तो उस पर पहले इंडियन लेबर कांफ्रेंस की मीटिंग बुलाई जानी चाहिए. ये मीटिंग 2015 से अब तक नहीं हुई है. ट्रेड यूनियनों ने ये भी कहा है कि जॉब बढ़ाने के लिए नए पदों का सृजन किया जाना चाहिए. मनरेगा का मिनिमम वेज भी बढ़ाया जाना चाहिए.
PSU का निजीकरण बंद होना चाहिए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री के साथ आयोजित हुई इस मीटिंग में AIUTUC के ऑल इंडिया सेक्रेट्री रमेश पाराशर ने बताया कि आठवां वेतन आयोग बनाया जाना चाहिए. PSU का निजीकरण बंद करने के साथ, अग्निवीर स्कीम को बंद किया जाना चाहिए और महंगाई कंट्रोल करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए. ट्रेड यूनियनों की कई मांगों में एक मांग ये भी थी कि आम आदमी के इस्तेमाल की चीजों पर टैक्स को घटाया जाना चाहिए. वहीं वित्त मंत्रालय ने पीएम विश्वकर्मा, जन सुरक्षा और मुद्रा योजना की समीक्षा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बैठक बुलाई है.
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