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चीन के इस बैंक ने भारत में किया 40,000 करोड़ का निवेश, जानिए कहां लगा है ये पैसा?

PBOC ने वर्ष 2024 के अंत तक 35 भारतीय कंपनियों में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय शेयर बाजार दुनियाभर में तेजी से उभरते हुए बाजारों में से एक है. यहां देश और विदेश के निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है. खासकर पड़ोसी देश चीन के निवेशक भी भारतीय कंपनियों में भारी निवेश कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने भारतीय शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश किया है. बैंक ने शेयर बाजार में अलग अलग भारतीय कंपनियों में 40,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है. तो आइए जानते हैं चीन के इस बैंक ने कहां पैसा लगाया है? 

पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने भारत में किया निवेश

पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने कैलेंडर वर्ष 2024 के अंत तक 35 भारतीय कंपनियों में 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है. चीन की ओर से आने वाले 17 विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारत में रजिस्टर्ड हैं, जिनमें बेस्ट इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन जैसे बड़े सरकारी संस्थान शामिल हैं. यह कॉरपोरेशन वैश्विक स्तर पर 870 बिलियन डॉलर की संपत्ति का मैनेजमेंट संभालते हैं.

इस भारतीय बैंक में किया सबसे ज्यादा निवेश
PBOC ने भारतीय शेयर बाजार में सबसे ज्यादा निवेश ICICI बैंक में किया है. चीन के इस सेंट्रल बैंक ने ICICI बैंक के 6,139 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं. वहीं, एचडीएफसी बैंक में भी 5,344 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी ली गई है. इसके अलावा, सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में भी PBOC ने 1,414 करोड़ रुपये का निवेश किया है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में बैंक की 3,619 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है. साथ ही, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और बजाज फाइनेंस में भी 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया गया है.

मारुति, पेटीएम और टाटा ग्रुप जैसी कंपनियों में किया निवेश
मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी कंपनियों में PBOC का 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश है. इसके अलावा, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस में भी हिस्सेदारी ली गई है. चीन के इन बड़े निवेशों ने भारतीय शेयर बाजार की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है. हालांकि, इन निवेशों के साथ दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को लेकर चर्चा भी होती रही है. भारतीय कंपनियों में PBOC का यह निवेश बताता है कि भारतीय बाजार न केवल उभरता हुआ है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है.


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