होम / बिजनेस / ATM में कैश विड्रॉल के नियम में होगा बदलाव, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
ATM में कैश विड्रॉल के नियम में होगा बदलाव, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एटीएम बूथों पर नकदी निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. इससे ग्राहकों की सुरक्षा मजबूत होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आपको भी एटीएम से पैसे निकालते हुए डर लगता है, तो ये खबर आपके लिए ही है. दरअसल, देशभर के चुनिंदा एटीएम (ATM) में नकद वापसी (Cash Retraction) सुविधा को फिर से शुरू किया जाएगा. इसमें तय समय के भीतर ग्राहक द्वारा ग्रहण नहीं की गई नकदी को एटीएम मशीन वापस खींच लेगी. यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एटीएम द्वारा ग्राहकों की सुरक्षा और ठगी रोकने लिए उठाया गया है. तो आइए आपको इस सुविधा के बारे में विस्तार से बताते हैं?
क्या है नकद वापसी सुविधा?
एटीएम में नकद वापसी ऐसी सुविधा है, जिसमें यदि ग्राहक निर्धारित समय के भीतर कैश ट्रे नकदी नहीं उठाता है, तो मशीन उस नकदी को वापस खींच लेती है. पहले इस सुविधा का दुरुपयोग किया गया था, जहां जालसाज आंशिक राशि उठा लेते थे लेकिन मशीन लॉग में पूरी राशि की निकासी का रिकॉर्ड दर्ज होता था. इससे बैंकों को भारी चपत लग रही थी. इस कारण आरबीआई ने वर्ष 2012 में इस सुविधा को बंद कर दिया था.
ग्राहकों के साथ ऐसे होती है धोखाधड़ी
हालांकि, इसके बाद जालसाजों ने एटीएम बूथ पर धोखाधड़ी करने के लिए नया तरीका निकाल लिया. वे एटीएम की कैश-ट्रे के आगे नकली कवर लगाकर उसे बंद कर देते हैं, जिससे मशीन से निकली नकदी फंस जाती है और ग्राहक को दिखती नहीं है. उसे लगता है कि लेनदेन असफल हो गया है और वह चला जाता है. इसके बाद जालसाज वहां पहुंचकर नकली कवर को हटा देते हैं और नकदी निकाल लेते हैं. इससे निपटने के लिए आरबीआई ने अधिक तकनीकी सुरक्षा के साथ नकद वापसी व्यवस्था को लागू करने के निर्देश बैंकों को दिए हैं.
सबसे पहले यहां लागू होगी सुविधा
आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे उन एटीएम में इस सुविधा को फिर से सक्रिय करें, जहां इस प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना अधिक है. इसके लिए इस तकनीक को लागू करने के लिए बैंकों से अपनी एटीएम मशीनों को अपग्रेड करने के लिए भी कहा गया है. बता दें, यह तकनीक विशेष रूप से उन मामलों में कारगर होगी जहां ग्राहक गलती से पैसे निकालना भूल जाते हैं या किसी कारणवश पैसे नहीं ले पाते. साथ ही, यदि कोई धोखेबाज किसी अन्य ग्राहक के पैसे लेने की कोशिश करता है, तो यह तकनीक उसे भी रोकने में मददगार होगी.
टैग्स