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हवाई किराए में आ सकती है कमी, जानते हैं क्या है इसकी बड़ी वजह?
हवाई किरायों को लेकर जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में डिमांड में कमी दिख रही है. यही वजह है कि एयरलाइंस ने डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
हर महीने जारी होने वाली एटीएफ की कीमतों में भले ही कुछ समय से कमी देखने को मिल रही हो लेकिन अभी तक एयरफेयर में कमी देखने को नहीं मिली है. लेकिन एविएशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में मांग में कमी के कारण एयर फेयर में कमी देखने को मिल सकती है. हवाई टिकटों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिल सकती है.
जानते हैं आखिर क्या है इस कमी की वजह
हवाई किराए में कमी की वजह या तो एटीएफ में कमी होती है लेकिन इस बार डिमांड में कमी देखी जा रही है. इस बार टिकट के दामों में कमी होने की ये वजह मानी जा रही है. दरअसल एयरलाइंस अपनी डिमांड मीट करने के लिए हर महीने लगभग 10 विमानों की डिलीवरी लेती है, मौसमी कारकों के कारण यात्रा की मांग में गिरावट आने की उम्मीद है.
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जुलाई या अगस्त में हो सकती है गिरावट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इंडिगो ने जुलाई और अगस्त के लिए अग्रिम बुकिंग में गिरावट देखी है, जो साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि इस गिरावट को देखते हुए विमान कंपनियों ने डिस्काउंट का ऐलान करना शुरू कर दिया है. इंडिगो ने जुलाई और अगस्त में बुकिंग बढ़ाने के लिए घरेलू और अंतराष्र्ट्रीय दोनों उड़ानों पर छूट की घोषणा पहले ही कर दी है. इसी तरह विस्तारा ने भी डिस्काउंट की घोषणा करते हुए 1999 रुपये में एक तरफा घरेलू किराए की पेशकश की है. जबकि टाटा की ही दूसरी कंपनी एयर इंडिया ने यही पेशकश 1177 रुपये में की है. वहीं एयर इंडिया ने एकतरफा किराए की घोषणा 2449 रुपये में की है.
भविष्य में कीमतें स्थिर रहने की संभावना
इस फील्ड के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर रहने का अनुमान है. भारतीय एविएशन सेक्टर में विमानों के किराए में महामारी के बाद इजाफा हुआ था उसे अब सामान्य कर दिया गया है और आगे चलकर अब कीमतें सीमित दायरे में रहने की संभावना है और अगर प्रतिस्पर्धा बढ़ी तो इसमें और कमी आ सकती है. जानकारों का ये भी कहना है कि घरेलू एयरलाइंस घरेलू बाजार में ज्यादा हिस्सेदारी लेना चाहती हैं.
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