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देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, LPG उत्पादन में 28% की बढ़ोतरी: हरदीप सिंह पुरी
सरकार ने संभावित जमाखोरी और घबराहट में होने वाली बुकिंग को रोकने के लिए कुछ एहतियाती कदम भी उठाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर सरकार ने बड़ा बयान दिया है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में स्पष्ट किया कि भारत में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और देश में किसी तरह की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए स्रोतों में विविधता बढ़ाई है.
हॉर्मुज संकट के बावजूद सुरक्षित है भारत की आपूर्ति
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है. यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल, गैस और एलपीजी इसी रास्ते से गुजरता है. इसके बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रणनीति बदलते हुए हॉर्मुज क्षेत्र पर निर्भरता कम की है. अब देश करीब 40 अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है और कुल आयात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ऐसे स्रोतों से आता है जो हॉर्मुज मार्ग पर निर्भर नहीं हैं.
LPG उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी
हरदीप सिंह पुरी ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में देश में एलपीजी उत्पादन लगभग 28 प्रतिशत बढ़ाया गया है. इससे घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित बनी हुई है. मंत्री के अनुसार गैस सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का औसत समय अभी भी लगभग 2.5 दिन ही है, जो सामान्य स्थिति को दर्शाता है.
जमाखोरी रोकने के लिए नए नियम
सरकार ने संभावित जमाखोरी और घबराहट में होने वाली बुकिंग को रोकने के लिए कुछ एहतियाती कदम भी उठाए हैं. इसके तहत शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर रखा गया है. वहीं ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तय की गई है. इसके अलावा सिलेंडर की अनधिकृत बिक्री और डायवर्जन रोकने के लिए OTP आधारित डिलीवरी ऑथेंटिकेशन को और मजबूत किया जा रहा है. फिलहाल इसे लगभग 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं से बढ़ाकर करीब 90 प्रतिशत तक लागू करने की योजना है.
घरेलू जरूरतों को दी जा रही प्राथमिकता
सरकार ने घरेलू और जरूरी सेवाओं के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. 9 मार्च 2026 को जारी प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश के तहत घरेलू पाइप गैस और सीएनजी को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. इसके अलावा उद्योगों को करीब 80 प्रतिशत और उर्वरक संयंत्रों को लगभग 70 प्रतिशत गैस आपूर्ति जारी रखने का प्रावधान किया गया है. अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है ताकि जरूरी सेवाओं पर कोई असर न पड़े.
वैश्विक महंगाई के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने भारतीय उपभोक्ताओं को इससे काफी हद तक बचाने की कोशिश की है. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 603 रुपये है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों में गैस सिलेंडर की कीमतें इससे काफी ज्यादा हैं. सरकार वैश्विक बाजार की अतिरिक्त लागत का बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है.
उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल की अनुमति
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने उद्योगों और होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर को अस्थायी राहत भी दी है. इन क्षेत्रों को एक महीने के लिए बायोमास, आरडीएफ पेलेट्स और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है. सरकार का कहना है कि इस कदम से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी और आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा.
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