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PLI स्कीम में होने जा रहा है बदलाव, इस सेक्टर को मिलेगा ज्यादा फायदा, बरसेंगी नौकरियां
PLI स्कीम का आकार 1.97 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें से मार्च 2024 तक केवल 9,700 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
केंद्र सरकार की ओर से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI Scheme) में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है. इसके तहत नए सेक्टरों को इसमें जोड़ा जाएगा और MSME के लिए फायदों को बढ़ाया जाएगा. PIL स्कीम में सुधार के तहत सरकार फंड जुटाने के नियमों को आसान बना सकती है. इसमें नए सेक्टरों को जोड़ने के साथ अधिक श्रम वाले क्षेत्रों की MSME को ज्यादा लाभ दिए जा सकते हैं. सरकार का पूरा ध्यान मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने को लेकर है. PIL में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए इंसेंटिव को जोड़ा जाएगा.
इन सेक्टर को भी कवर किया जाएगा
टॉय, फर्नीचर और कपड़ा क्षेत्र को इस स्कीम के अंदर जल्द ही कवर किया जा सकता है. इन क्षेत्रों में अधिक नौकरियां पैदा होने की संभावना है. सरकार मानव निर्मित फाइबर (MMF) को भी PIL स्कीम के तहत ला सकती है. इसके अलावा कुछ कॉटन को कवर करने के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल को भी इसमें शामिल किया जा सकता है. इनका ऐलान आगामी बजट में हो सकता है.
वित्त वर्ष 2024 में 6800 करोड़ रुपए बांटे गए
PIL स्कीम का आकार 1.97 लाख करोड़ रुपए (करीब 26 अरब डॉलर) का है, जिसमें से मार्च 2024 तक केवल 9,700 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं. वित्त वर्ष 2024 में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 6,800 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन प्रदान किया गया था. पीएलआई का लाभ प्राप्त कर चुकी कंपनियों की ओर से दिसंबर 2023 तक 1.07 लाख करोड़ रुपए निवेश किए जा चुके हैं. इनसे 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक की ब्रिकी हुई है और 7 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं.
2020 में शुरु हुई थी PLI Scheme
PIL स्कीम को मार्च 2020 में लॉन्च किया गया था. उस समय यह स्कीम फार्मा इंडस्ट्री के कच्चे माल, मेडिकल डिवाइस और बड़े स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए शुरू की गई थी. नवंबर 2020 में 10 अन्य सेक्टर्स को इसमें शामिल किया गया था. सितंबर 2021 में ड्रोन सेक्टर को भी इसमें जोड़ा गया था.
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