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सिर्फ इतने दिन में मिल जाएगा बिजली का नया कनेक्‍शन, सरकार ने EV चार्जिंग का भी किया इंतजाम

बिजली की ज्‍यादा खपत की शिकायत पर अतिरिक्‍त मीटर को तीन दिन के अंदर लगाना होगा और इसे तीन महिने तक लगाया जा सकता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बिजली का नया कनेक्‍शन लेना हर किसी के लिए कठिन काम होता है. कई बार तो प्रोसेस में लंबा समय लग जाता है. लेकिन अब आम आदमी की इस समस्‍या को दूर करते हुए सरकार ने नियमों को आसान बना है. सरकार ने नए शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण इलाकों में नए कनेक्‍शन में लगने वाले समय में बड़ी कमी कर दी है. शहरों में जहां तीन दिन तो गांवों में 15 दिन में नया कनेक्‍शन देना होगा. 

आखिर क्‍या हुआ है बदलाव?  
बिजली को लेकर आम उपभोक्‍ताओं को कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है. उसे देखते हुए भारत सरकार ने बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इन संशोधनों में नये बिजली कनेक्शन को लेने में लगने वाले समय को कम कर दिया गया है. इस समय को  महानगरीय क्षेत्रों में सात दिन से घटाकर तीन दिन, अन्य नगर निगम क्षेत्रों में पंद्रह दिन से घटाकर सात दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में तीस दिन से घटाकर पंद्रह दिन कर दी दिया गया है. हालांकि, पहाड़ी इलाकों वाले ग्रामीण क्षेत्रों में तीस दिन ही लगेंगे. 

क्‍या बोले केन्‍द्रीय मंत्री? 
इस संशोधन को जारी करते हुए, केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि ये संशोधन नए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने में लगने वाले समय को कम करेंगे और छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाएंगे. केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि संशोधन बहुमंजिला फ्लैटों में रहने वाले उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन का प्रकार चुनने की सुविधा प्रदान करते हैं और आवासीय सोसायटियों में कॉमन एरिया और बैक-अप जनरेटर के लिए अलग बिलिंग की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी. 

EV चार्जिंग के लिए मिल सकेगा नया कनेक्‍शन  
देश में लगातार बढ़ते EV इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को देखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए अलग से नए कनेक्शन लेने को भी मंजूरी दे दी है. उपभोक्ता अब अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को चार्ज करने के लिए अलग से बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे. सरकार ने ये कदम देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और वर्ष 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य को हासिल करने के मकसद से उठाया है.

अब छत पर जल्‍दी लगेगा सोलर सिस्‍टम 
नई सोलर पॉलिसी के साथ सरकार ने इसके इंस्‍टालेशन की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है. 10 किलोवाट क्षमता तक की प्रणालियों के लिए तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन की आवश्यकता से छूट दे दी गई है. 10 किलोवाट से अधिक क्षमता के कनेक्‍शन में इस काम को बीस दिन से घटाकर पंद्रह दिन कर दिया गया है. इसके अलावा, यदि अध्ययन निर्धारित समय में पूरा नहीं होता है, तो अनुमोदन प्रदान किया गया, माना जाएगा. 

 

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