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PLI बूस्ट से बदली तस्वीर: भारत में iPhone निर्माण ने दिए 2.5 लाख रोजगार, महिलाओं की 70% हिस्सेदारी
टाटा समूह और फॉक्सकॉन ने पांच साल में 1.4 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां दीं, स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर तक पहुंचा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
एप्पल (Apple Inc.) के iPhone निर्माण ने भारत में रोजगार सृजन का नया रिकॉर्ड कायम किया है. मोबाइल विनिर्माण के लिए 2021 में शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में 2.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित हुई हैं. खास बात यह है कि इन नौकरियों में 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी महिलाओं की है, जिनमें बड़ी संख्या 19 से 24 वर्ष आयु वर्ग की पहली बार नौकरी करने वाली युवतियों की है.
PLI योजना से रोजगार को मिला बड़ा बढ़ावा
मोबाइल फोन निर्माण के लिए शुरू की गई PLI योजना इस मार्च के अंत में समाप्त हो रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को कंपनियों द्वारा सौंपे गए आंकड़ों के अनुसार, इस योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग (ECM) कार्यक्रम ने बड़े पैमाने पर ब्लू-कॉलर रोजगार सृजित किए हैं. सरकार ने पांच वर्षों में 2 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का लक्ष्य रखा था, जबकि वास्तविक सृजन 2.5 लाख से अधिक रहा, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी आगे है.
टाटा और फॉक्सकॉन की बड़ी भूमिका
भारत में iPhone निर्माण से जुड़ी दो प्रमुख कंपनियां टाटा ग्रपु (Tata Group) और फॉक्सकॉन (Foxconn) ने मिलकर लगभग 1.4 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां दी हैं. यह संख्या PLI के तहत जताई गई 1,18,290 नौकरियों की प्रतिबद्धता से काफी अधिक है. फॉक्सकॉन के दो बड़े कारखानों में 70,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि टाटा समूह की तीन iPhone विनिर्माण इकाइयों में करीब 72,000 लोग काम कर रहे हैं.
MSME और सप्लाई चेन का विस्तार
करीब 1.1 लाख नौकरियां भारतीय, विदेशी और संयुक्त उपक्रम कंपनियों द्वारा दी गई हैं, जिनमें से अधिकांश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) हैं. ये कंपनियां उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित आठ राज्यों में फैली हैं. कुछ कंपनियां iPhone असेंबली प्लांट को उपकरणों की आपूर्ति करती हैं, जबकि कुछ सीधे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए निर्यात भी करती हैं. तेजी से बढ़ते घरेलू कंपोनेंट नेटवर्क में 40 से अधिक कंपनियों ने नई नौकरियां दी हैं.
वेतन और कौशल में सुधार
उद्योग सूत्रों के मुताबिक, PLI लागू होने से पहले मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में औसत मासिक वेतन लगभग 11,000 रुपये था, जो अब बढ़कर 18,000 से 20,000 रुपये के बीच पहुंच गया है. इससे युवाओं, विशेषकर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
निर्यात में ऐतिहासिक उछाल
2025 में भारत का कुल स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें iPhone की हिस्सेदारी 23 अरब डॉलर यानी करीब 76 प्रतिशत रही. सरकार का अनुमान था कि PLI अवधि के अंत तक मोबाइल विनिर्माण से 6 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी, लेकिन अकेले Apple और उससे जुड़ी कंपनियों ने ही इस अनुमान को पार कर लिया है. पूरे Apple इकोसिस्टम में लगभग 7.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है.
भारत बना वैश्विक विनिर्माण केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि PLI योजना ने भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है. महिला भागीदारी में वृद्धि और निर्यात में तेजी यह दर्शाती है कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि एक मजबूत उत्पादन केंद्र के रूप में उभर रहा है.
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