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पारंपरिक रिटेल चैनलों की बिक्री में सेंध लगा रही क्विक कॉमर्स की बढ़त : रिपोर्ट

Kearney की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अधिकांश बिक्री अन्य चैनलों की कीमत पर होती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) के माध्यम से होने वाली कुल बिक्री का केवल छह से आठ प्रतिशत ही अतिरिक्त (इनक्रिमेंटल) है, ऐसे में यह तेज डिलीवरी मॉडल पारंपरिक रिटेल के बाजार में सेंध लगा रहा है. Kearney की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अधिकांश बिक्री अन्य चैनलों, खासकर मॉडर्न ट्रेड और ई-कॉमर्स की कीमत पर होती है, इसके बाद जनरल ट्रेड आउटलेट्स आते हैं.

बाजार कीमतों की तुलना से पता चला कि मॉडर्न ट्रेड और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को लगातार सबसे बड़ी छूट (13 से 18 प्रतिशत के दायरे में) प्रदान करते हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि क्विक कॉमर्स में यह छूट केवल छह से नौ प्रतिशत के बीच है, जबकि जनरल ट्रेड में यह दो से पांच प्रतिशत के बीच रहती है.

क्विक कॉमर्स के आगमन से पहले, केवल 33 प्रतिशत नियमित उपयोगकर्ता अपनी दैनिक खरीदारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता देते थे. हालांकि, इसके बढ़ते प्रभाव के साथ, यह आंकड़ा 87 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो डिजिटल-फर्स्ट खरीदारी की ओर उपभोक्ताओं के बड़े बदलाव को दर्शाता है. रिपोर्ट में इसका श्रेय क्विक कॉमर्स मॉडल द्वारा दी जाने वाली सुविधा और त्वरित संतुष्टि को दिया गया है.

जहां उपभोक्ताओं का झुकाव क्विक कॉमर्स की ओर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, वहीं श्रेणियों के बीच अभी भी असंगतता बनी हुई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रारंभिक वृद्धि चरण में खाद्य श्रेणियों ने सबसे अधिक स्थानांतरण देखा, जिसमें दैनिक उपयोग की वस्तुएं (स्टेपल्स) प्रमुख रहीं. हालांकि, ताजे उत्पादों (फल और सब्ज़ियाँ) में यह बदलाव कम रहा, जिससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता अब भी बिना पैकिंग वाले सामान को स्वयं चुनना पसंद करते हैं.

कुछ श्रेणियों में क्विक कॉमर्स प्रीमियम उत्पादों को बढ़ावा देने वाला भी बनकर उभरा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गिफ्टिंग, पर्सनल केयर और घरेलू जरूरतों जैसे सेगमेंट्स में प्रीमियम उत्पादों की ओर सबसे अधिक बदलाव देखा गया है.

 


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