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भारत में AI का भविष्य: टाटा ग्रुप और ओपनएआई करेंगे 1 गीगावॉट क्षमता तक डेटा सेंटर विस्तार
टाटा ग्रुप ने कहा कि यह डेटा सेंटर खास तौर पर AI ट्रेनिंग और इंफरेंस के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे भारत AI के वैश्विक मानचित्र पर मजबूत स्थिति हासिल कर सके.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
टाटा ग्रुप और ओपनएआई ने भारत में अगली पीढ़ी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इस साझेदारी के तहत भारत का पहला 100 मेगावॉट क्षमता वाला AI-रेडी डेटा सेंटर बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 1 गीगावॉट तक बढ़ाया जाएगा.
बहुआयामी साझेदारी का मकसद
टाटा ग्रुप, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और ओपनएआई का लक्ष्य एंटरप्राइज, कंज्यूमर और सामाजिक क्षेत्रों में AI-आधारित इनोवेशन को बढ़ावा देना है. इस साझेदारी के तहत:
1. टाटा ग्रुप की कंपनियों में AI इनोवेशन को बढ़ावा देना.
2. वैश्विक उद्योगों में AI ट्रांसफॉर्मेशन के लिए संयुक्त प्रयास.
3. भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग के लिए तैयारियाँ.
टाटा ग्रुप ने कहा कि यह डेटा सेंटर खास तौर पर AI ट्रेनिंग और इंफरेंस के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे भारत AI के वैश्विक मानचित्र पर मजबूत स्थिति हासिल कर सके.
भारत AI के भविष्य को आकार देगा: सैम ऑल्टमैन
ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत AI के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने बताया, "भारत पहले से ही AI अपनाने में अग्रणी है. हमारी साझेदारी भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल और स्थानीय सहयोग बढ़ाने में मदद करेगी, ताकि ज्यादा लोग AI का लाभ उठा सकें."
टाटा कर्मचारियों के लिए AI एक्सेस
साझेदारी के तहत टाटा ग्रुप के हजारों कर्मचारियों को एंटरप्राइज चैटजीपीटी तक पहुंच मिलेगी. साथ ही, TCS अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ओपनएआई के कोडेक्स का इस्तेमाल करेगा. ओपनएआई और TCS मिलकर इंडस्ट्री-स्पेसिफिक AI सॉल्यूशंस तैयार करेंगे, जिसमें एजेंटिक AI क्षमताओं को TCS के डोमेन नॉलेज और AI विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाएगा. इससे भारतीय और वैश्विक कंपनियां उन्नत AI प्लेटफॉर्म को बड़े पैमाने पर अपनाने में सक्षम होंगी.
अत्याधुनिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, "ओपनएआई और टाटा ग्रुप का यह सहयोग भारत को AI में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. हम युवाओं को स्किल देंगे और उन्हें AI के युग में सफलता के लिए सक्षम बनाएंगे." 2025 में TCS ने हाइपरवॉल्ट की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य हाइपरस्केलर्स और AI-आधारित संगठनों के लिए गीगावॉट-स्तर का सुरक्षित, भरोसेमंद और हरित ऊर्जा संचालित AI इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है.
भारत को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में कदम
कंपनियों ने बताया कि यह साझेदारी भारत की महत्वाकांक्षा को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी. देश AI अपनाने और विकास के लिए तेज़ी से एक इकोसिस्टम तैयार कर सकेगा और वैश्विक AI हब के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगा.
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