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ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे पहली रोड-रेल टनल को हरी झंडी, 18,662 करोड़ की मेगा परियोजना
ब्रह्मपुत्र के नीचे बनने वाली यह ऐतिहासिक सुरंग केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्र सरकार ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली अंडरवाटर रोड-रेल टनल बनाने की ऐतिहासिक परियोजना को मंजूरी दे दी है. नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी मिली. 33.7 किमी लंबी यह ट्विन ट्यूब टीबीएम टनल पूर्वोत्तर में रणनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगी.
33.7 किमी लंबी ट्विन ट्यूब टनल, लागत 18,662 करोड़ रुपये
परियोजना के तहत गोहपुर और नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बीच नदी के नीचे दो समानांतर सुरंगें बनाई जाएंगी. एक ट्यूब में रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा, जबकि दूसरी में चार लेन की एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड सड़क विकसित होगी. कुल अनुमानित लागत 18,662.02 करोड़ रुपये तय की गई है.
सरकार के मुताबिक, यह देश की पहली ऐसी अंडरवाटर टनल होगी जिसमें सड़क और रेल दोनों की सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी. वैश्विक स्तर पर भी इस तरह की परियोजनाएं बेहद सीमित हैं.
6 घंटे का सफर सिमटकर 30 मिनट
वर्तमान में नुमालीगढ़ से गोहपुर पहुंचने के लिए करीब 240 किमी का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिसमें लगभग 6 घंटे लगते हैं. नई सुरंग बनने के बाद यही दूरी महज 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी. इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी.
पूर्वोत्तर राज्यों को बड़ा फायदा
इस परियोजना से असम के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक मजबूती भी सुनिश्चित होगी. फ्रेट मूवमेंट तेज होने से व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को नई गति मिलने की उम्मीद है.
नोएडा मेट्रो विस्तार को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में नोएडा मेट्रो के विस्तार को भी मंजूरी दी है. सेक्टर 142 से बोटेनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे सेक्शन पर 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे. इस विस्तार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का कुल मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंच जाएगा. बोटेनिकल गार्डन स्टेशन पर यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही और आसान होगी.
रेलवे के तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट मंजूर
रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए तीन अहम मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है. इनमें कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बेल्लारी-होस्पेटे सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का काम शामिल है. इन परियोजनाओं पर लगभग 18,509 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2030-31 तक इनके पूरा होने की उम्मीद है. इन परियोजनाओं के बाद रेलवे नेटवर्क में 389 किमी की बढ़ोतरी होगी, जिससे यातायात दबाव कम होगा और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी.
अर्बन चैलेंज फंड और स्टार्टअप को बढ़ावा
शहरी विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के साथ अर्बन चैलेंज फंड लॉन्च करने की योजना को भी मंजूरी दी है. केंद्रीय सहायता कुल परियोजना लागत का 25 फीसदी कवर करेगी, जबकि कम से कम 50 फीसदी राशि बाजार से जुटानी होगी. अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में करीब 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है.
इसके अलावा स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10,000 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ स्वीकृति दी गई है. इसका उद्देश्य वेंचर कैपिटल को आकर्षित कर नवाचार को बढ़ावा देना है.
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