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‘मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, हालात पर भारत की करीबी नजर', संसद में बोले एस. जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके वैश्विक असर पर लगातार नजर रख रहा है. सरकार का मानना है कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य टकराव से नहीं बल्कि बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए निकाला जाना चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारत सरकार हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और इसका असर ऊर्जा आपूर्ति तथा आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संकट का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही संभव है.
पश्चिम एशिया के हालात पर भारत की नजर
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन राज्यसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके वैश्विक असर पर लगातार नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा हालात काफी खराब हो गए हैं और तनाव लगातार बढ़ रहा है. सरकार का मानना है कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य टकराव से नहीं बल्कि बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए निकाला जाना चाहिए.
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. वहीं, भारत के वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India पर भी कच्चे तेल की कीमत पहली बार 10,000 रुपये प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई. ऐसे में सरकार ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर संभावित असर को लेकर सतर्क है.
भारत के लिए क्यों अहम है पश्चिम एशिया
विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के लिए कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी इलाके से आयात करता है, इसलिए यहां की स्थिरता देश की ऊर्जा सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, जिससे वहां की स्थिति भारत के लिए और भी ज्यादा संवेदनशील बन जाती है.
क्षेत्र में बड़ी भारतीय आबादी
सरकार के मुताबिक पश्चिम एशिया में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या में कामकाजी पेशेवर, श्रमिक और छात्र शामिल हैं. विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान में भी अभी हजारों भारतीय पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में मौजूद हैं. सरकार उनकी सुरक्षा और हालात पर लगातार नजर रख रही है.
ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार मार्गों पर असर की चिंता
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों के लिहाज से बेहद अहम क्षेत्र है. यहां अस्थिरता बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित होने और वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल का खतरा बढ़ सकता है. इसी वजह से भारत लगातार तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर देता रहा है.
बातचीत से ही निकलेगा समाधान
विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा संघर्ष कई देशों तक फैल चुका है और इसका मानवीय असर भी गंभीर होता जा रहा है. ऐसे में भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि पश्चिम एशिया स्थिर और शांतिपूर्ण बना रहे, क्योंकि इसका असर न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ता है.
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