होम / बिजनेस / टैक्सपेयर्स को मिली राहत, GST रिटर्न फाइल के लिए दो दिन आगे बढ़ गई डेट!

टैक्सपेयर्स को मिली राहत, GST रिटर्न फाइल के लिए दो दिन आगे बढ़ गई डेट!

मासिक रिटर्न दाखिल करने के लिए जीएसटीआर-1 दाखिल करने की आखिरी तारीख 11 जनवरी, जबकि तिमाही के लिए यह 13 जनवरी है, लेकिन अब इस तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आपने अभी तक GST रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो जल्द ही ये काम पूरा कर लीजिए. दरअसल, टैक्सपेयर्स द्वारा जीएसटीएन प्रणाली (GSTN System) में तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना दिए जाने के बाद सरकार ने शुक्रवार यानी 11 जनवरी, 2025 को मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-1 और जीएसटी भुगतान दाखिल करने की समय सीमा को भी दो दिन आगे बढ़ा दी है. तो आइए जानते हैं अब आप किस तारीख तक जीएसटी रिटर्न फाइल कर सकते हैं?

पहले ये थी अंतिम आखिरी तारीख

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की अधिसूचना के अनुसार, दिसंबर के लिए जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जनवरी है, जबकि अक्टूबर-दिसंबर अवधि के लिए क्यूआरएमपी (मासिक भुगतान के साथ तिमाही रिटर्न) योजना के तहत तिमाही भुगतान का विकल्प चुनने वाले करदाताओं के लिए यह तिथि 15 जनवरी होगी.

इस तारीख तक फाइल कर सकते हैं GST रिटर्न 
आम तौर पर, मासिक रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि 11 जनवरी है, जबकि तिमाही करदाताओं के लिए यह 13 जनवरी है. दिसंबर के लिए जीएसटीआर-3बी दाखिल करके जीएसटी भुगतान की समय सीमा मौजूदा 20 जनवरी से बढ़ाकर 22 जनवरी कर दी गई है. वहीं, तिमाही आधार पर जीएसटी का भुगतान करने वाले करदाताओं के लिए देय तिथि को व्यवसाय के राज्य-वार पंजीकरण के आधार पर 24 जनवरी और 26 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है. इससे पहले, दिन में ही माल एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ियों पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को एक रिपोर्ट भेजते हुए जीएसटी बिक्री रिटर्न या जीएसटीआर-1 दाखिल करने की तारीख बढ़ाने का अनुरोध किया था.

इसलिए आगे बढ़ाई तारीख
जीएसटीएन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल जीएसटी टेक के जरिये लिखा, जीएसटी पोर्टल में अभी तकनीकी समस्याएं आ रही हैं और इसका रखरखाव किया जा रहा है. दरअसल, जीएसटी नेटवर्क बृहस्पतिवार से तकनीकी गड़बड़ियों का सामना कर रहा है, जिसके चलते टैक्सपेयर्स जीएसटीआर-1 का सारांश तैयार करने और रिटर्न दाखिल नहीं कर पा रहे हैं. इस समस्या के चलते जीएसटी रिटर्न फाइल की तारीख कोआगे बढ़ाया गया है. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

2 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

5 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

6 hours ago

भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने भरी रफ्तार, FY26 में कारोबार 12.7% बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

एसोसिएशन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भी उद्योग 8% से 10% की दर से बढ़ सकता है. इसके पीछे घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है.

8 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

8 hours ago


बड़ी खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

2 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

6 hours ago

शनि वक्री 2026: रणनीतिक आत्ममंथन जो अटूट कारोबारी नींव तैयार करता है

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं, करियर से लेकर रिश्तों तक, शनि वक्री लोगों को त्वरित परिणामों के पीछे भागने के बजाय दीर्घकालिक फैसलों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है.

4 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

5 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

8 hours ago