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टाटा लगाएगी देश की सबसे बड़ी इनगॉट–वेफर फैक्ट्री, चीन पर निर्भरता घटाने की बड़ी तैयारी

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी की यह मेगा इनगॉट–वेफर फैक्ट्री भारत के सोलर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

टाटा ग्रुप रिन्यूएबल एनर्जी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव खेलने जा रहा है. टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी (TPREL) आंध्र प्रदेश में देश की सबसे बड़ी इनगॉट और वेफर मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री लगाने जा रही है, जिससे भारत की सोलर और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

आंध्र प्रदेश में लगेगी 10 GW की मेगा फैक्ट्री

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में 10 गीगावाट क्षमता की इनगॉट और वेफर फैक्ट्री स्थापित करेगी. यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी ऐसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होगी. इस प्रोजेक्ट में कंपनी करीब 6,675 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इनगॉट और वेफर सोलर सेल, सोलर मॉड्यूल और सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए बेहद अहम कच्चा माल होते हैं. इस फैक्ट्री के शुरू होने से देश में सोलर उपकरणों का घरेलू उत्पादन तेजी से बढ़ेगा.

200 एकड़ जमीन, भविष्य के विस्तार की भी तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए इफको किसान स्पेशल इकोनॉमिक जोन में 200 एकड़ जमीन आवंटित की है. इसमें से 120 एकड़ जमीन पर फैक्ट्री बनाई जाएगी, जबकि 80 एकड़ जमीन भविष्य में विस्तार के लिए सुरक्षित रखी गई है. यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की उस नीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सोलर मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है.

1000 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाले स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. अब इसे कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. कंपनी के मुताबिक, इस फैक्ट्री से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. इसके अलावा, सरकार TPREL को 200 MW का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाने के लिए भी जमीन उपलब्ध कराएगी, जिससे फैक्ट्री को स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित होगी. अधिकारियों के अनुसार, ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता इस प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश में लाने की बड़ी वजह रही.

ओडिशा को पीछे छोड़ आंध्र प्रदेश ने हासिल किया प्रोजेक्ट

शुरुआत में टाटा पावर रिन्यूएबल इस फैक्ट्री को ओडिशा के गोपालपुर और कटक में लगाने पर विचार कर रही थी. लेकिन जमीन की तुरंत उपलब्धता और कृष्णापटनम पोर्ट के पास लोकेशन होने के कारण आंध्र प्रदेश ने यह प्रोजेक्ट अपने नाम कर लिया. नेल्लोर पहले ही सोलर मैन्युफैक्चरिंग का उभरता हुआ हब बन चुका है, जहां प्रीमियर एनर्जीज, वेबसोल और वोल्टसन जैसी कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स लगा रही हैं.

मार्च में हुआ था 49,000 करोड़ रुपये का एमओयू

पिछले साल 7 मार्च को टाटा पावर रिन्यूएबल और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच 49,000 करोड़ रुपये तक के रिन्यूएबल एनर्जी निवेश को लेकर एमओयू साइन हुआ था. इनगॉट और वेफर फैक्ट्री उसी समझौते के तहत शुरू होने वाला पहला मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट है.

TPREL पहले ही गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई बड़े सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित कर चुकी है.

चीन को मिलेगी सीधी टक्कर

इस फैक्ट्री के शुरू होने से भारत की सोलर और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा. इनगॉट और वेफर के घरेलू उत्पादन से चीन पर निर्भरता घटेगी और भारत वैश्विक क्लीन एनर्जी सप्लाई चेन में मजबूत खिलाड़ी के तौर पर उभरेगा.


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