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RBI की मंजूरी के बाद Tata Group ने ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक कंपनी को सौंपा अपना एटीएम बिजनेस, जानें क्या है कंपनी की पूरी योजना?

Tata Group ने अपना एटीएम बिजनस बिक गया है. टाटा कम्युनिकेशंस ने टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस (TCPSL) में 100% हिस्सेदारी ऑस्ट्रेलिया की फिनटेक कंपनी Findi को बेच दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश के प्रमुख औद्योगिक घराने, टाटा ग्रुप (Tata Group) ने एटीएम ऑपरेशंस से पूरी तरह से किनारा कर लिया है. दरअसल, टाटा कम्युनिकेशंस ने टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस (TCPSL) में अपनी पूरी 100% हिस्सेदारी एक ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक कंपनी को बेच दी है. इस डील को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी भी मिल गई है. इस डील का कुल मूल्य 330 करोड़ रुपये है. इस कदम से Findi को भारत में एटीएम ऑपरेशंस और डिजिटल भुगतान सेवाओं में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर मिलेगा. 

टाटा ने किसे बेची हिस्सेदारी?

टाटा कम्युनिकेशंस ने टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस (TCPSL) की 100% हिस्सेदारी ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक कंपनी Findi को बेच दी है. इस डील की कुल राशि 330 करोड़ रुपये है, जिसमें इंटरचेंज रेट एडजस्टमेंट के आधार पर 75 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं. यह डील नवंबर 2024 में घोषित की गई थी. फिनी की योजना है कि वह भारत में उन लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचाए, जो अभी तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित हैं. वर्तमान में Findi एटीएम ऑपरेशंस और डिजिटल पेमेंट सेवाओं में सक्रिय है और उसकी योजना एक पूर्ण भुगतान बैंक के रूप में बदलने की है. इस अधिग्रहण से कंपनी को भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर मिलेगा. 

फाइंडी को मिलेगा 12,000 एटीएम का नेटवर्क

टाटा ग्रुप का एटीएम ऑपरेशंस भारत में 'ब्राउन लेबल' एटीएम और 'व्हाइट लेबल' एटीएम ऑपरेशन के लिए जाना जाता है. TCPSL की सहायक कंपनी ट्रांजेक्शन सॉल्यूशंस इंटरनेशनल (TSI) भारत में 7,500 से अधिक 'ब्राउन लेबल' एटीएम ऑपरेट करती है. इसके अलावा, कंपनी 12 प्रमुख बैंकों के साथ साझेदारी में काम कर रही है, जिनमें SBI, PNB और HDFC जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. साथ ही कंपनी 10,000 से अधिक 'व्हाइट लेबल' एटीएम के लिए बैक-एंड ऑपरेशन को मैनेज करती है. इतना ही नहीं कंपनी FindiPay ब्रांड के तहत 50,000 से अधिक मर्चेंट्स के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देती है. इस अधिग्रहण के साथ Findi 4,600 से अधिक एटीएम ऑपरेट करने वाले इंडिकैश एटीएम को इंटिग्रेट करेगा और लगभग 3,000 अतिरिक्त एटीएम तक एक्सेस हासिल करेगा. इससे कंपनी का कुल नेटवर्क विभिन्न श्रेणियों में 12,000 एटीएम से आगे निकल जाएगा और वह एशिया के सबसे बड़े एटीएम ऑपरेटरों में से एक बन जाएगा.

इस साल का दूसरा बड़ा अधिग्रहण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह 2025 में Findi का दूसरा बड़ा अधिग्रहण है. इससे पहले जनवरी में TSI ने 129,000 से ज्यादा मर्चेंट टचपॉइंट्स के साथ डिजिटल भुगतान प्रदाता BankIT का अधिग्रहण किया था. फाइंडी का कहना है कि इस अधिग्रहण से उसे 'व्हाइट लेबल' एटीएम प्लेटफॉर्म, WLA लाइसेंस, पेमेंट स्विच और 3,000 अतिरिक्त एटीएम तक पहुंच मिलेगी.  कंपनी ने इन एटीएम को अपने 180,000 मर्चेंट आउटलेट्स पर स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे उसकी वित्तीय सेवाओं की पहुंच और बढ़ेगी. बता दें, साल 2008 में स्थापित TCPSL ने ATM पैठ बढ़ाने के RBI की नीतियों के मुताबिक 2013 में भारत का पहला व्हाइट-लेबल ATM नेटवर्क इंडिकैश लॉन्च किया था. 


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