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इस चीनी कंपनी पर Made in India का ठप्पा लगाना चाहता है TATA ग्रुप, ये है पूरा प्लान
भारत में मौजूद चीनी कंपनियां एजेंसियों के रडार पर हैं. वीवो के खिलाफ एक मामले में ED की जांच चल रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
टाटा ग्रुप (TATA Group) की नजर एक चीनी स्मार्टफोन कंपनी पर है. टाटा इस कंपनी की भारतीय यूनिट में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है. यदि सबकुछ ठीक रहा, तो वीवो (Vivo) की भारतीय इकाई पर टाटा ग्रुप का ठप्पा लग जाएगा. हालांकि, डील पर सहमति बनने में समय लग सकता है. क्योंकि टाटा ग्रुप जो ऑफर दे रहा है, चीनी कंपनी की डिमांड उससे ज्यादा है. इसलिए डील फाइनल होने में समय लग सकता है.
Oppo को भी चाहिए पार्टनर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा चाइनीज कंपनी वीवो (Vivo) के भारतीय इकाई में बड़ी हिस्सेदारी खरीदना चाहता है, लेकिन बात वैल्यूएशन पर अटकी हुई है. दोनों कंपनियों के बीच डील की यह खबर ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार की सख्ती के बाद चीनी कंपनी भारत में मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और ऑपरेशन्स में घरेलू कंपनियों को शामिल करने के विकल्प तलाश रही है. वीवो की तरह Oppo को भी अपनी भारतीय यूनिट के लिए स्थानीय पार्टनर की तलाश है.
ED के निशाने पर है Vivo
भारत सरकार चाहती है कि चीनी स्मार्टफोन कंपनी के साथ संभावित ज्वाइंट वेंचर में इंडियन पार्टनर की हिस्सेदारी कम से कम 51% हो. सरकार यह भी चाहती है कि ज्वाइंट वेंचर में स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय वितरण पर जोर दिया जाए. इसी को ध्यान में रखते हुए चीनी कंपनियां पार्टनर की तलाश में जुटी हुई हैं. Vivo भारतीय एजेंसियों के निशाने पर है. उसके खिलाफ कथित तौर पर टैक्स भुगतान से बचने के लिए अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा चीनी मूल कंपनी को भेजने के मामले में जांच चल रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के कथित उल्लंघन के लिए भी कंपनी की जांच की कर रहा है.
आर्थिक सेहत में आया सुधार
वीवो इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 211 करोड़ रुपए का अपना दूसरा सबसे बड़ा मुनाफा दर्ज किया है. जबकि कंपनी को वित्त वर्ष 2022 में 123 करोड़ का घाटा हुआ था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि Vivo की स्थिति तेजी से सुधर रही है. यानी उसके हैंडसेट मार्केट पर पकड़ बना रहे हैं. ऐसे में यदि टाटा ग्रुप इस डील को फाइनल कर लेता है, तो उसे भी फायदा होगा. बता दें कि टाटा समूह अपनी सहायक कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिए भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रवेश कर चुका है. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने पिछले नवंबर में 1000 करोड़ में ताइवानी विस्ट्रॉन के स्थानीय परिचालन का अधिग्रहण किया था. इसके साथ ही टाटा आईफोन बनाने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है.
माइक्रोमैक्स की हुई Vivo की फैक्ट्री
टाटा से बातचीत के बीच, ग्रेटर नोएडा में वीवो की मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का अधिग्रहण हो गया है. माइक्रोमैक्स ब्रैंड के मोबाइल बनाने वाली कंपनी भगवती प्रोडक्ट्स ने इस अधिग्रहण को पूरा किया है. कंपनी ने यहां कर्मचारियों को नियुक्त करना शुरू कर दिया है और जल्द ही हुआकिन के साथ अपने ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से वीवो के लिए स्मार्टफोन का उत्पादन भी शुरू कर देगी. हालांकि, भगवती और हुआकिन के बीच इस ज्वाइंट वेंचर को भारत सरकार से मंजूरी का इंतजार है. हुआकिन टेक्नोलॉजी मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप के लिए दुनिया की सबसे बड़ी मूल डिजाइन निर्माता है. यही कंपनी Vivo के लिए भी हैंडसेट तैयार कर रही है.
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