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200% रिटर्न देने वाली टाटा ग्रुप की इस कंपनी पर गंभीर आरोप, जानें क्या है मामला?
Tata Communications का शेयर 1,093.90 रुपए पर ट्रेड कर रहा है और सोमवार को लाल निशान पर बंद हुआ. अब कैग की इस रिपोर्ट का असर कंपनी के शेयरों पर होगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
टाटा ग्रुप को एक इमानदार और नियमों का पालन करने वाले समूह के तौर पर देखा जाता है. लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने टाटा ग्रुप की एक कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैग का कहना है कि टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) ने वित्त वर्ष 2006-07 से 2017-18 के दौरान अपनी आय कम करके दिखाई. इस वजह से सरकार को नुकसान उठाना पड़ा.
लाल निशान पर बंद हुए शेयर
कैग के अनुसार, टाटा कम्युनिकेशंस द्वारा कमाई कम दिखाने से सरकार को लाइसेंस शुल्क के रूप में 645 करोड़ रुपए कम प्राप्त हुए. सीएजी का कहना है कि टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड से यह राशि वसूले की जानी चाहिए. बता दें कि टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयर ने पांच सालों में निवेशकों को करीब 200 प्रतिशत रिटर्न दिया है. वहीं, पिछले 5 दिनों में भी ये शेयर 2.54% ऊपर चढ़ा है. सोमवार को Tata Communications 1,093.90 रुपए पर ट्रेड कर रहा था और लाल निशान पर बंद हुआ. अब कैग की इस रिपोर्ट का असर कंपनी के शेयरों पर होगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी.
क्या कहती है रिपोर्ट?
मीडिया रिपोर्ट में कैग की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि नेशनल लांग डिस्टेंस-NLD, इंटरनेशनल लांग डिस्टेंस-ILD और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) -आईटी लाइसेंस के संदर्भ में लाभ-हानि विवरण एवं बहीखाते के संबंध में 2006-07 से 2017-18 के दौरान समायोजित सकल राजस्व ब्योरे के ऑडिट से पता चलता है कि 13,252.81 करोड़ रुपए तक का सकल राजस्व कम दिखाया गया गया. इसके कारण लाइसेंस शुल्क के रूप में कमी आई. दूरसंचार विभाग ने टाटा की इस कंपनी पर केवल 305.25 करोड़ रुपए का ही शुल्क लगाया. विभाग के 305.25 करोड़ रुपए लाइसेंस शुल्क के आकलन को घटाने के बाद भी शुल्क 645 करोड़ रुपए बच जाता है, जिसे कंपनी से वसूल किया जाना चाहिए.
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