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9 साल में पहली बार घाटा...ढलान पर शेयर, TATA की इस कंपनी को लेकर अब क्या हो रणनीति?

टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स के शेयरों में गिरावट का दौर जारी है. कल की तरह आज भी शेयर लुढ़के हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

टाटा समूह (TATA Group) की कंपनी टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) को मार्च तिमाही में बड़ा घाटा हुआ है. बीते 9 सालों में यह पहला मौका है कि जब कंपनी के तिमाही नतीजे इतने खराब रहे हैं. टाटा केमिकल्स के घाटे की खबर का असर उसके शेयरों पर भी पड़ा है. कंपनी के शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए हैं. किसी भी कंपनी के शेयर उसकी आर्थिक सेहत के आधार पर ट्रेड करते हैं. ऐसे में टाटा केमिकल्स के घाटे का असर उसके शेयरों पर आगे भी देखने को मिल सकता है. शायद यही वजह है कि घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने टाटा केमिकल्स के शेयर का टार्गेट प्राइज घटा दिया है.

पहले प्रॉफिट, अब घाटा
टाटा केमिकल्स को जनवरी-मार्च 2024 तिमाही में करीब 850 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है. एक साल पहले की इसी अवधि में कंपनी ने 709 करोड़ रुपए का प्रॉफिट कमाया था. इस तिमाही में ऑपरेशनल रिवेन्यु सालाना आधार पर 21.1 प्रतिशत घटकर 3,475 करोड़ रुपए रह गया है. इसका असर स्टॉक मार्केट में कंपनी की परफॉरमेंस पर पड़ा है. टाटा केमिकल्स का शेयर कल भी करीब 2 प्रतिशत की नरमी के साथ बंद हुए थे और आज यानी मंगलवार को उसमें 2.49% की गिरावट आई है.  

5 सत्रों से जारी है नरमी 
पिछले 5 कारोबारी सत्रों में यह शेयर 4.45% नीचे लुढ़क चुका है. बीते एक साल में इसने 10.30% का रिटर्न दिया है. कहा जा सकता है कि टाटा की इस कंपनी के शेयरों के लिए 2024 अब तक खास अच्छा नहीं गया है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने टाटा केमिकल्स के शेयर की 'सेल' रेटिंग बनाए रखते हुए इसका Target Price 780 से घटाकर 770 रुपए कर दिया है. फर्म का कहना है कि शायद टाटा संस (Tata Sons) के आईपीओ की उम्मीद में निवेशकों का रुझान टाटा केमिकल्स की तारा बढ़ा था. अब जब आईपीओ की संभावना कम नजर आ रही है, तो उनका उत्साह भी कम हो गया है. 

इतना किया Target Price
कोटक इक्विटीज ने यह भी कहा कि बैटरी केमिकल्स में बड़े विस्तार की कोई भी उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है. इसलिए उसने इस शेयर के Target Price 780 से घटाकर 770 रुपए कर दिया है. वहीं, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने न्यूट्रल रेटिंग के साथ टाटा केमिकल्स के शेयर को 980 रुपए का टार्गेट प्राइज दिया है. इस समय कंपनी का शेयर 1072.10 रुपए पर मिल रहा है. यानी ब्रोकरेज फर्म्स को लगता है कि कंपनी का स्टॉक अभी और गोता लगा सकता है. लिहाजा, इसमें निवेश का फैसला सोच-समझकर लें.

गिरावट की ये भी है वजह  
पिछले महीने यानी मार्च में भी टाटा संस के आईपीओ को लेकर सामने आई खबर की वजह से टाटा केमिकल्स के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. 11 मार्च को शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 10% तक टूट गए थे. दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि टाटा संस आईपीओ (Tata Sons IPO) लाने से बच रही है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत टाटा संस को मौजूदा स्वरूप में आईपीओ लाना होगा और सितंबर 2025 तक लिस्ट होना होगा, लेकिन कंपनी इससे बचने के विकल्प तलाश रही है.

विकल्प तलाश रही कंपनी
टाटा संस ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास ‘अपर लेयर NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी नियमों में छूट की अपील की थी, मगर RBI ने इससे इंकार कर दिया. अब कंपनी बैलेंस शीट के रीस्ट्रक्चरिंग का विकल्प तलाश रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि कर्ज चुकाकर लोन को रीस्ट्रक्चर करने में टाटा संस सफल रहती है और टाटा कैपिटल में अपनी होल्डिंग को किसी अन्य यूनिट में ट्रांसफर कर देती है, तो उस स्थिति में उसे इन्वेस्टमेंट या अपर लेयर NBFC के रूप में डीरजिस्टर किया जा सकेगा. इससे कंपनी लिस्टिंग से बच जाएगी.

आखिर क्या है लेना-देना?
अब सवाल ये उठता है कि टाटा संस के आईपीओ टालने की खबर से टाटा केमिकल्स का क्या लेनादेना है? दरअसल, टाटा संस में टाटा केमिकल्स की कुल हिस्सेदारी करीब 3 प्रतिशत है. टाटा केमिकल्स को टाटा संस की मेगा लिस्टिंग का सबसे बड़ा लाभार्थी माना जाता रहा है. निवेशकों को उम्मीद थी कि टाटा संस के आईपीओ से टाटा केमिकल्स को भी फायदा होगा, लेकिन आईपीओ के टलने की खबर से निवेशकों का उत्साह एकदम से कम हो गया है और इसका असर कंपनी के शेयरों पर पड़ रहा है. 


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