होम / बिजनेस / रत्न एवं आभूषण निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, 2040 के लिए तैयार हुआ बड़ा रोडमैप

रत्न एवं आभूषण निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, 2040 के लिए तैयार हुआ बड़ा रोडमैप

पीयूष गोयल की देखरेख में बना थिंक टैंक, उत्पादन दोगुना कर सेक्टर की इकोनॉमिक वैल्यू ₹60 लाख करोड़ तक ले जाने की तैयारी

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago

भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है. सरकार ने 2040 तक इस सेक्टर का निर्यात बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. इसके लिए वाणिज्य विभाग और जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) की उच्च स्तरीय बैठक में एक विशेष थिंक टैंक गठित करने का फैसला किया गया है, जो उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और भारतीय ज्वेलरी को ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित करने की रणनीति तैयार करेगा.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की देखरेख में तैयार इस रोडमैप के तहत अगले कुछ वर्षों में उत्पादन को दोगुना कर करीब ₹15 लाख करोड़ तक पहुंचाने और पूरे सेक्टर की आर्थिक वैल्यू को करीब ₹60 लाख करोड़ तक ले जाने की योजना है.

28 अरब डॉलर से 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात करीब 28 अरब डॉलर रहा. अब सरकार और उद्योग मिलकर इसे 2040 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे. अनुमान है कि तब तक यह सेक्टर भारत की GDP में करीब 1.2 फीसदी और देश के कुल व्यापारिक निर्यात में 14 फीसदी का योगदान दे सकता है. बैठक में भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत करने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और 'Crafted in India' ज्वेलरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया गया.

कारीगरों की ताकत पर टिका है भारत का ज्वेलरी सेक्टर

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत सोने, चांदी या हीरे की खदानें नहीं, बल्कि देश के कुशल कारीगर हैं. उन्होंने कहा कि अब उद्योग को केवल बेसिक मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित रहने के बजाय डिजाइन, इनोवेशन और ग्लोबल ब्रांडिंग के जरिए ज्यादा वैल्यू-एडेड उत्पादों पर ध्यान देना होगा.

सरकार का जोर कम मार्जिन वाले पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजाइन और तकनीक आधारित ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर है. इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने तथा एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर्स के माध्यम से नए टैलेंट को तैयार करने की भी योजना है.

AI और 3D प्रिंटिंग से मजबूत होगी सप्लाई चेन

'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत रत्न एवं आभूषण उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. इन तकनीकों के जरिए डिजाइन, उत्पादन और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी है.

डीजीएफटी महानिदेशक लव अग्रवाल ने कहा कि भारत पहले ही वैश्विक जेम्स और ज्वेलरी कारोबार में मजबूत स्थिति बना चुका है. अब देश को वैल्यू चेन में आगे बढ़ते हुए उच्च मूल्य वाले उत्पादों और वैश्विक ब्रांड निर्माण पर फोकस करना होगा.

FTA और नीतिगत समर्थन से मिलेगी रफ्तार

GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली के मुताबिक, जेम्स और ज्वेलरी उद्योग इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है. नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA), स्पेशल नोटिफाइड जोन के जरिए रफ डायमंड की बिक्री पर 15 साल की टैक्स छूट और MSME सेक्टर को मिल रहे समर्थन ने उद्योग की वृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार किया है. सरकार और उद्योग जगत का मानना है कि इन नीतिगत पहलों से भारतीय ज्वेलरी की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए बाजारों में निर्यात का विस्तार करने में मदद मिलेगी.

अप्रैल-जुलाई में निर्यात में 2.44% की बढ़ोतरी

GJEPC के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई की अवधि में भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात 2.44 फीसदी बढ़कर 9.17 अरब डॉलर हो गया. रुपये के लिहाज से निर्यात 13.58 फीसदी बढ़कर ₹87,078.01 करोड़ पहुंच गया.

इस दौरान जड़ाऊ आभूषणों की बिक्री में करीब 21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. किरीट भंसाली ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद वैल्यू-एडेड सेगमेंट, खासकर जड़ाऊ आभूषण, सिल्वर ज्वेलरी और प्लेटिनम ज्वेलरी में भारतीय निर्यातकों का प्रदर्शन मजबूत रहा है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

वेदांता का ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव, ₹9,500 करोड़ का निवेश; 2030 तक 2.5 GW का लक्ष्य

रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल 52% बढ़ा, 2030 तक 2.5 GW राउंड-द-क्लॉक ग्रीन पावर क्षमता का लक्ष्य

5 hours ago

SEBI का बड़ा दांव: विदेशी निवेशकों को वापस लाने के लिए ट्रेडिंग नियमों में बदलाव की तैयारी

शॉर्ट सेलिंग आसान करने से लेकर मार्जिन घटाने तक पर विचार, 9 महीने में लागू हो सकते हैं प्रस्तावित सुधार

5 hours ago

FSSAI की सख्ती बढ़ी, Zandu Honey समेत 5 कंपनियों ने हटाए ‘100%’ वाले दावे

FSSAI का कहना है कि ऐसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं और इन्हें वैज्ञानिक या तय मानकों के आधार पर साबित करना जरूरी है.

8 hours ago

HDFC Bank में LIC का बड़ा दांव, RBI से 9.99% तक हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी

14 अगस्त 2026 तक LIC के पास HDFC Bank की 4.11 फीसदी हिस्सेदारी थी. RBI की नई मंजूरी के बाद बीमा कंपनी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर अधिकतम 9.99 फीसदी तक कर सकती है.

9 hours ago

लगातार बिकवाली के बाद बाजार पर दबाव, निवेशकों की नजर आज इन अहम संकेतों पर

बुधवार को सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 फीसदी गिरकर 76,909.68 अंक पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 76.60 अंक यानी 0.32 फीसदी टूटकर 24,078.30 अंक पर आ गया.

9 hours ago


बड़ी खबरें

महंगाई फिर बढ़ाएगी टेंशन! अक्टूबर-नवंबर में 6% के पार जा सकती है खुदरा महंगाई

SBI रिसर्च के मुताबिक अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.7% हो सकती है. बेहतर मानसून और खरीफ फसलों की मजबूत बुवाई से साल के अंत में खाद्य महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद

25 minutes ago

SEBI का बड़ा दांव: विदेशी निवेशकों को वापस लाने के लिए ट्रेडिंग नियमों में बदलाव की तैयारी

शॉर्ट सेलिंग आसान करने से लेकर मार्जिन घटाने तक पर विचार, 9 महीने में लागू हो सकते हैं प्रस्तावित सुधार

5 hours ago

भारत में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग लीजिंग में 15% की बढ़ोतरी, छह महीने में 36.8 मिलियन वर्गफुट पर पहुंची

विनिर्माण और थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स की बढ़ती मांग से बाजार को मिला सहारा, मुंबई सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा; दूसरी छमाही में भी मजबूत मांग की उम्मीद

42 minutes ago

₹960 करोड़ का ब्लाइंड प्ले: सेबी के सेंसेक्स हेरफेर मामले के पीछे वॉल स्ट्रीट बैंक

वॉल स्ट्रीट की एक दिग्गज कंपनी उस मॉरीशस इकाई की मालिक है, जिस पर सेबी ने हाल ही में सेंसेक्स की क्लोजिंग में कथित हेरफेर करने के आरोप में प्रतिबंध लगाया है. यह भारत में दो खाते संचालित करती है, एक बैंक के अपने पैसे के लिए और दूसरा छिपे हुए ग्राहकों के लिए, क्योंकि सार्वजनिक रिकॉर्ड में वास्तविक नाम कभी सामने नहीं आते.

1 hour ago

डॉलर में कमजोरी से रुपया मजबूत, 17 पैसे चढ़कर 95.56 प्रति डॉलर पर पहुंचा

अमेरिकी मुद्रा के मई के बाद के सबसे निचले स्तर पर आने और घरेलू शेयर बाजार में मजबूती से रुपये को मिला सहारा, अमेरिकी मौद्रिक नीति और ट्रेजरी के नए कदमों पर बाजार की नजर

52 minutes ago