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₹16.72 लाख करोड़ का लक्ष्य: वित्त मंत्री ने लॉन्च किया NMP 2.0, बुनियादी ढांचे में निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
2026 से 2030 के बीच सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण से जुटाई जाएगी बड़ी पूंजी, राजमार्ग और रेलवे पर खास फोकस रहेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP 2.0) के दूसरे चरण का अनावरण करते हुए ₹16.72 लाख करोड़ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की है. यह पहल वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्तियों के मुद्रीकरण के माध्यम से पूंजी जुटाने पर केंद्रित है. सरकार का उद्देश्य उत्पादक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग कर बुनियादी ढांचा विकास के लिए संसाधन तैयार करना है.
क्या है NMP 2.0 का मकसद
वित्त मंत्री ने कहा कि NMP का उद्देश्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का पुनर्चक्रण करना है ताकि नई परियोजनाओं और पूंजीगत व्यय के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें. इससे सरकार पर अतिरिक्त कर्ज का बोझ डाले बिना इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को गति मिलेगी.
2,000 से ज्यादा परिसंपत्तियों में निजी भागीदारी
NITI Aayog के मुख्य कार्याधिकारी B V R Subrahmanyam ने बताया कि NMP 2.0 में राजमार्ग, बिजली, बंदरगाह और रेलवे जैसे प्रमुख क्षेत्रों की परियोजनाएं शामिल हैं. इस चरण के तहत 2,000 से अधिक सरकारी परिसंपत्तियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी लाई जाएगी. पहली बार इस योजना में पांच वर्षों के दौरान लगभग ₹5.8 लाख करोड़ के निजी निवेश का अनुमान भी शामिल किया गया है, जो बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई रफ्तार देगा.
किन तरीकों से होगा मुद्रीकरण
NMP 2.0 के तहत परिसंपत्तियों का सीमित अवधि के लिए हस्तांतरण, सूचीबद्ध कंपनियों में आंशिक विनिवेश, नकदी प्रवाह का प्रतिभूतिकरण और अन्य वैकल्पिक वित्तीय मॉडल अपनाए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.
वित्त वर्ष 2026 का लक्ष्य
नीति आयोग के अनुसार, सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में संपत्ति मुद्रीकरण से ₹2.49 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. हालांकि, अनुमान है कि वास्तविक प्राप्ति लगभग ₹2 लाख करोड़ के आसपास रह सकती है.
राजमार्ग और रेलवे पर खास जोर
दूसरे चरण में कुल लक्ष्य का एक-चौथाई से अधिक हिस्सा राजमार्ग क्षेत्र से जुटाने की योजना है. इसके अलावा, बंदरगाह, कोयला और खनिज जैसे क्षेत्रों से भी महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है. रेलवे, जो पहले चरण में अपने लक्ष्य का केवल 29 प्रतिशत ही हासिल कर पाया था, को इस बार ₹2.62 लाख करोड़ का लक्ष्य सौंपा गया है. इसमें सात सूचीबद्ध रेलवे सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी हिस्सेदारी कम करने के लिए ₹83,700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य भी शामिल है.
आर्थिक विकास की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि NMP 2.0 सरकार की दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा रणनीति का अहम हिस्सा है. इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी, पूंजीगत व्यय को समर्थन मिलेगा और देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी. सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है , मौजूदा परिसंपत्तियों से अधिकतम मूल्य निकालते हुए नए भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचे को मजबूत करना.
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