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तमिलनाडु बनेगा भारत का AI हब: ₹10,000 करोड़ में तैयार होगा देश का पहला सॉवरिन AI पार्क
सॉवरिन AI पार्क न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि पूरे भारत के लिए टेक्नोलॉजी, रोजगार और डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. यह परियोजना भारत को वैश्विक AI मानचित्र पर एक मजबूत और भरोसेमंद शक्ति के रूप में स्थापित करने की नींव रखेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है. दरअसल, तमिलनाडु में देश का पहला पूरी तरह समर्पित सॉवरिन AI पार्क स्थापित किया जाएगा, जिस पर शुरुआती चरण में करीब ₹10,000 करोड़ का निवेश होगा. तमिलनाडु सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारतीय जेनेरेटिव AI कंपनी सर्वम AI के साथ समझौता किया है. यह पार्क न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के लिए AI इनोवेशन और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनेगा और करीब 1,000 उच्च कौशल वाले पेशेवरों को रोजगार देगा.
क्या होगा सॉवरिन AI पार्क में खास?
यह पार्क भारत का अपनी तरह का पहला AI-डेडिकेटेड इकोसिस्टम होगा, जिसमें शामिल होंगे.
1. अत्याधुनिक AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर.
2. डेटा और मॉडल रिसर्च लैब्स.
3. AI इनोवेशन क्लस्टर.
4. इंस्टीट्यूट फॉर AI इन गवर्नेंस.
सबसे खास बात यह है कि यहां डेटा, मॉडल और कंप्यूटेशन पूरी तरह भारतीय कानूनी दायरे में रहेंगे, जिससे AI का विकास संप्रभु, सुरक्षित और नैतिक ढांचे में हो सकेगा.
तमिलनाडु सरकार का विजन: AI से बदलेगी विकास की रफ्तार
राज्य के उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा ने कहा कि यह परियोजना AI को अपनाने और उसके भविष्य को आकार देने की तमिलनाडु की रणनीतिक सोच को दर्शाती है. उन्होंने बताया कि शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल कर विकास को नई गति दी जाएगी. उनका कहना है कि इस पहल से तमिलनाडु देश में बड़े पैमाने पर AI अपनाने वाला अग्रणी राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है.
सर्वम AI क्या करेगा इस परियोजना में?
सर्वम AI एक भारतीय जेनेरेटिव AI कंपनी है, जो भारत की भाषाओं, जरूरतों और विविधता के अनुसार फाउंडेशनल AI मॉडल विकसित करती है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की मौजूदगी में इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. उद्योग विभाग के सचिव अरुण रॉय के मुताबिक, यह पार्क तमिलनाडु को दुनिया के चुनिंदा AI इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में शामिल कर देगा.
तमिल संस्कृति से प्रेरित होगा डिजिटल AI संगम
सॉवरिन AI पार्क को तमिल सभ्यता की संगम परंपरा से प्रेरणा मिली है. यहां तमिल-फर्स्ट AI मॉडल तैयार किए जाएंगे, जो शास्त्रीय भाषा और आधुनिक तकनीक का मेल होंगे. इससे आने वाले समय में लोकल, सटीक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील AI सिस्टम विकसित किए जा सकेंगे.
अगली पीढ़ी की नौकरियों की नींव
IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने कहा कि जैसे मैन्युफैक्चरिंग और IT ने पिछली पीढ़ी की नौकरियों को बदला, वैसे ही AI अगली पीढ़ी के रोजगार तय करेगा. इस परियोजना से राज्य के छात्र और शोधकर्ता वैश्विक स्तर पर AI रिसर्च में अपनी पहचान बना सकेंगे.
“तमिलनाडु में ट्रेन होगा, यहीं से चलेगा दुनिया के लिए AI”सर्वम AI के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि यह साझेदारी ऐसा AI तैयार करने की दिशा में है, जो तमिलनाडु में प्रशिक्षित होगा, यहीं से लागू और यहीं से नियंत्रित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पहल रिसर्च से लेकर ग्लोबल इंपैक्ट तक भारत को AI लीडर बनाने की क्षमता रखती है.
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