होम / बिजनेस / Jet Airways को फिर से टेकऑफ करने में लगेगा अभी और समय, ये आ रही है कमी

Jet Airways को फिर से टेकऑफ करने में लगेगा अभी और समय, ये आ रही है कमी

जमीन पर आ चुकी जेट एयरवेज को फिर से टेक ऑफ करने में अभी थोड़ा और वक्त लग सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः जमीन पर आ चुकी जेट एयरवेज को फिर से टेक ऑफ करने में अभी थोड़ा और वक्त लग सकता है. कंपनी इससे पहले 26 सितंबर से अपनी नियमित उड़ानों को शुरू करने जा रही थी, लेकिन विमान निर्माताओं और किराये पर विमान देने वाली कंपनियों के साथ बातचीत के पूरा न होने की वजह से इसमें थोड़ी सी देरी हो रही है. 

इसी साल मई में मिला था उड़ान शुरू करने का लाइसेंस

कंपनी को इसी साल मई में उड़ान शुरू करने का लाइसेंस डीजीसीए से मिला था. अब इस कंपनी को नरेश गोयल से जालान-कलरॉक समूह ने खरीद लिया है. कंपनी ने घोषणा की कि जेट एयरवेज का परिचालन साल के अंत से पहले शुरू हो जाएगा और शुरुआती बेड़े की योजना लगभग पूरी हो चुकी है. हालांकि, एयरलाइन ने पहले कहा था कि उसने अक्टूबर में परिचालन शुरू करने की योजना बनाई है.

जल्द शुरू होगा परिचालन

लॉन्च में देरी की खबरों के बीच, कंसोर्टियम के एक प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन जल्द ही बिक्री के लिए खोलने और आने वाले हफ्तों में परिचालन फिर से शुरू करने की तैयारी में अपनी प्रारंभिक बेड़े की योजना को अंतिम रूप देने के बहुत करीब है.

एयरलाइन शुरू करना जाटिल बिजनेस

प्रवक्ता के अनुसार, एयरलाइन शुरू करना या फिर से शुरू करना एक जटिल बिजनेस है और यह विमान और इंजन दोनों के लिए सर्वोत्तम संभव शर्तें और अनुबंध प्राप्त करना चाहता है इनमें रणनीतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रखरखाव अनुबंध और विमान को कॉन्फिगर करना शामिल है.

"अगर इसे ठीक होने में थोड़ा और समय लगता है, तो यह ठीक है." जून में, पीटीआई ने बताया कि जेट एयरवेज 6-8 विमानों को पट्टे पर देने के लिए विमान निर्माताओं और किरायेदारों के साथ चर्चा कर रही थी. जेट एयरवेज ने वित्तीय संकटों में फंसने के बाद अप्रैल 2019 में परिचालन बंद कर दिया और बाद में जालान-कालरॉक कंसोर्टियम द्वारा दिवाला समाधान प्रक्रिया के माध्यम से अधिग्रहण कर लिया गया.

VIDEO: अब तक बदल चुके हैं कई एयरपोर्ट्स के नाम, देखें लिस्ट

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

2028 तक भारत की ग्रोथ में गिरावट का अनुमान, मूडीज ने जारी की रिपोर्ट

मूडीज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ 2025 के अनुमानित 7.5% से घटकर 2026 में 7% और 2027 में 6.5% रह सकती है.

2 hours ago

भारत के कपड़ा निर्यात में 2.1% की बढ़ोतरी, FY26 में ₹3.16 लाख करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

कपड़ा निर्यात में सबसे बड़ा योगदान रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) का रहा. इस सेगमेंट का निर्यात ₹1,35,427.6 करोड़ से बढ़कर ₹1,39,349.6 करोड़ हो गया, यानी 2.9% की वृद्धि दर्ज की गई.

2 hours ago

क्या भारत की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय अपनी कन्विक्शन रेट में हेरफेर करती है?

एजेंसी दावा करती है कि उसकी कन्विक्शन रेट 93.6 प्रतिशत है, वह ₹1.54 लाख करोड़ की जब्त संपत्तियों को संभालती है, और आज तक कभी किसी स्वतंत्र परफॉर्मेंस ऑडिट के दायरे में नहीं आई है. यहां पढ़िए कि जब आप इसके आंकड़ों को बारीकी से देखते हैं तो क्या सामने आता है.

3 hours ago

भारत के समुद्री निर्यात ने बनाया रिकॉर्ड, FY26 में ₹72,325 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

विशाखापट्टनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बंदरगाहों ने कुल निर्यात मूल्य का लगभग 64% हिस्सा संभाला है. इससे इन बंदरगाहों की लॉजिस्टिक और ट्रेडिंग में अहम भूमिका साफ होती है.

3 hours ago

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच MSME समझौता, व्यापार और निवेश सहयोग को मिलेगा नया जोर

सरकार के अनुसार, यह समझौता इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश MSME सेक्टर को समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन मानते हैं. इससे विभिन्न बाजारों में स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग भी बढ़ेगा.

4 hours ago


बड़ी खबरें

भारत के कपड़ा निर्यात में 2.1% की बढ़ोतरी, FY26 में ₹3.16 लाख करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

कपड़ा निर्यात में सबसे बड़ा योगदान रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) का रहा. इस सेगमेंट का निर्यात ₹1,35,427.6 करोड़ से बढ़कर ₹1,39,349.6 करोड़ हो गया, यानी 2.9% की वृद्धि दर्ज की गई.

2 hours ago

2028 तक भारत की ग्रोथ में गिरावट का अनुमान, मूडीज ने जारी की रिपोर्ट

मूडीज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ 2025 के अनुमानित 7.5% से घटकर 2026 में 7% और 2027 में 6.5% रह सकती है.

2 hours ago

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच MSME समझौता, व्यापार और निवेश सहयोग को मिलेगा नया जोर

सरकार के अनुसार, यह समझौता इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश MSME सेक्टर को समावेशी विकास, नवाचार और रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन मानते हैं. इससे विभिन्न बाजारों में स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग भी बढ़ेगा.

4 hours ago

क्या भारत की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय अपनी कन्विक्शन रेट में हेरफेर करती है?

एजेंसी दावा करती है कि उसकी कन्विक्शन रेट 93.6 प्रतिशत है, वह ₹1.54 लाख करोड़ की जब्त संपत्तियों को संभालती है, और आज तक कभी किसी स्वतंत्र परफॉर्मेंस ऑडिट के दायरे में नहीं आई है. यहां पढ़िए कि जब आप इसके आंकड़ों को बारीकी से देखते हैं तो क्या सामने आता है.

3 hours ago

भारत के समुद्री निर्यात ने बनाया रिकॉर्ड, FY26 में ₹72,325 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

विशाखापट्टनम, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बंदरगाहों ने कुल निर्यात मूल्य का लगभग 64% हिस्सा संभाला है. इससे इन बंदरगाहों की लॉजिस्टिक और ट्रेडिंग में अहम भूमिका साफ होती है.

3 hours ago