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चीनी उत्पादन में जोरदार उछाल, एक सीजन में 10% से ज्यादा बढ़ा प्रोडक्शन
उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 15 मार्च के बीच देश में 26.18 मिलियन मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत में इस साल चीनी उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चालू पेराई सीजन में देश की चीनी मिलों ने उत्पादन के नए आंकड़े छुए हैं. उद्योग संगठनों के मुताबिक, प्रमुख उत्पादक राज्यों में उत्पादन बढ़ने से कुल आंकड़ों में तेज उछाल आया है. हालांकि, पूरे सीजन के अनुमान में थोड़ी कमी भी जताई गई है.
10.4% बढ़कर 26.18 मिलियन टन पहुंचा उत्पादन
उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 15 मार्च के बीच देश में 26.18 मिलियन मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ है. यह पिछले साल की तुलना में 10.4% अधिक है. उत्पादन में इस वृद्धि का मुख्य कारण देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में बेहतर प्रदर्शन रहा है.
महाराष्ट्र और कर्नाटक ने दिखाई मजबूत बढ़त
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के मुताबिक, महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 7.86 मिलियन टन से बढ़कर 9.85 मिलियन टन हो गया है. वहीं कर्नाटक में 17.1% की वृद्धि के साथ उत्पादन 4.58 मिलियन टन तक पहुंच गया है. इन दोनों राज्यों के बेहतर प्रदर्शन ने कुल उत्पादन को ऊपर उठाने में अहम भूमिका निभाई है.
उत्तर प्रदेश में मामूली बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश में उत्पादन में हल्की बढ़त देखने को मिली है. यहां चीनी उत्पादन 8.1 मिलियन टन से बढ़कर 8.15 मिलियन टन हो गया है. इसके साथ ही, इस सीजन की शुरुआत करने वाली 533 चीनी मिलों में से 333 मिलों ने अब तक अपना संचालन बंद कर दिया है, जिससे आगे के उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
पूरे सीजन के अनुमान में हल्की कटौती
ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) के अनुसार, सितंबर में समाप्त होने वाले मौजूदा सीजन में कुल उत्पादन 28.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है. यह पहले के अनुमान 29.6 मिलियन टन से कम है. यानी शुरुआती तेजी के बावजूद कुल उत्पादन में थोड़ी नरमी देखी जा सकती है.
निर्यात भी जारी. कई देशों को भेजी गई चीनी
AISTA के मुताबिक, अक्टूबर से फरवरी के बीच भारत ने 315,577 टन चीनी का निर्यात किया है. यह निर्यात मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान, जिबूती, तंजानिया और श्रीलंका जैसे देशों को किया गया है. सरकार ने चालू मार्केटिंग वर्ष में 2 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है.
चीनी उत्पादन में बढ़ोतरी से घरेलू सप्लाई मजबूत बनी हुई है. हालांकि, मिलों के बंद होने और कुल अनुमान में कटौती से संकेत मिलता है कि सीजन के अंत तक उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. ऐसे में बाजार और निर्यात दोनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है.
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