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शेयर बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट, कच्चे तेल की महंगाई से बढ़ी चिंता; सेंसेक्स 124 अंक टूटा
निफ्टी 50 में 0.39% और सेंसेक्स में 0.17% की गिरावट, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 20 महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने महंगाई और कंपनियों की कमाई पर दबाव बढ़ने की आशंका पैदा कर दी. इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए. सप्ताह के दौरान कमजोर वैश्विक संकेतों, कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों और आईपीओ में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का भी बाजार की धारणा पर असर पड़ा.
कारोबार के अंत में निफ्टी 50 0.39 फीसदी गिरकर 22,600 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.17 फीसदी टूटकर 73,123.83 अंक पर आ गया. पूरे सप्ताह में निफ्टी में 2.4 फीसदी और सेंसेक्स में 2.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए प्रमुख चिंता बनी रही. ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. यमन स्थित हूती बलों की ओर से सऊदी अरब पर हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ीं.
भारत अपनी तेल जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ सकती है. इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ने के साथ महंगाई बढ़ने का जोखिम भी है.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़ी गिरावट
बाजार में कमजोरी का असर व्यापक रहा. 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 15 में सप्ताह के दौरान गिरावट दर्ज की गई. मिडकैप शेयरों में 5.6 फीसदी और स्मॉलकैप शेयरों में 7.3 फीसदी की गिरावट आई. दोनों श्रेणियों में यह पिछले 20 महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट रही.
सेक्टर के लिहाज से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा. सप्ताह के दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 6.4 फीसदी, एनर्जी 4.6 फीसदी, एफएमसीजी 4.3 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 3.5 फीसदी गिरा. कच्चे तेल और अन्य इनपुट की बढ़ती लागत से इन क्षेत्रों की कंपनियों की कमाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं.
HDFC Bank, Axis Bank और Bajaj Finance में गिरावट
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी कमजोरी रही. बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे अधिक वेटेज रखने वाले एचडीएफसी बैंक के शेयर सप्ताह के दौरान 5 फीसदी गिर गए. कंपनी का तिमाही मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रहने के कारण शेयर पर दबाव आया.
एक्सिस बैंक के शेयरों में 5.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के नतीजे भी बाजार के अनुमान पर खरे नहीं उतरे. वहीं, बजाज फाइनेंस का शेयर 5.4 फीसदी टूट गया. कंपनी के तिमाही मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद कर्ज पर मार्जिन को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की.
Swiggy के शेयर रिकॉर्ड निचले स्तर पर
शुक्रवार के कारोबार में स्विगी का शेयर 16.8 फीसदी टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. क्विक कॉमर्स कारोबार के प्रदर्शन में सुधार और फूड डिलीवरी बिजनेस के मार्जिन को लेकर चिंताओं ने शेयर पर दबाव बढ़ाया. वहीं, कोलगेट-पामोलिव इंडिया के शेयर में 4.8 फीसदी की गिरावट आई. कंपनी का तिमाही मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान से कम रहने के बाद निवेशकों ने शेयर में बिकवाली की.
Jio IPO में निवेश से बाजार की नकदी पर दबाव
विश्लेषकों के मुताबिक, मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली मजबूत मांग का असर भी शेयर बाजार की नकदी पर पड़ा. कारोबार बंद होने तक आईपीओ 13.8 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. एसएमसी ग्लोबल और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों के अनुसार, बड़े आकार के इस इश्यू में निवेश के कारण द्वितीयक बाजार यानी पहले से सूचीबद्ध शेयरों में उपलब्ध नकदी पर दबाव पड़ने की आशंका रही.
कुल मिलाकर, महंगा कच्चा तेल, कमजोर वैश्विक संकेत, कंपनियों के उम्मीद से कमजोर नतीजे और प्राथमिक बाजार में निवेश के लिए नकदी की मांग ने पूरे सप्ताह निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया. इसका असर प्रमुख सूचकांकों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला.
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