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स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन ने महाकुंभ पहुंचकर तोड़ा 93 साल पुराना रिकॉर्ड, जानिए कैसे?
स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने महाकुंभ में पहुंचकर 93 साल पुराना एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. बता दें, लॉरेन स्वास्थ्य कारणों के चलते गंगा में डुबकी नहीं लगा पाई थी और वह प्लेन से भूटान वापस चली गई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने हाल ही में प्रयागराज में महाकुंभ मेले में भाग लिया. वह अपने पति की इच्छा को पूरा करने के लिए प्रयागराज आई. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों के चलते वह संगम में डुबकी नहीं लगा पाई और तीन के प्रवास के बाद वह वापस भूटान लौट गईं. इस बीच महाकुंभ में उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही. इसी के साथ इस बार महाकुंभ पहुंचककर उन्होंने स्नान न करके भी 93 साल पुराना एक रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. तो आइए आपको जानते हैं ये क्या रिकॉर्ड है?
93 साल बाद प्रयागराज हवाई अड्डे पर उतरा अंतरराष्ट्रीय विमान
स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन जॉब्स प्रयागराज एक अंतरराष्ट्रीय विमान से पहुंची थी. दरअसल, प्रयागराज के हवाई हड्डे पर 93 साल बाद कोई अंतरराष्ट्रीय विमान उतरा है. लॉरेन को लेकर भूटान एयरवेज का विमान प्रयागराज हवाई अड्डे पर उतरा. महाकुंभ मेले में भाग लेने के बाद, वह उसी विमान से भूटान लौटी. बताया जा रहा है कि लॉरेन अगले कुछ दिन भूटान में ही प्रवास करेंगी. यह घटना हवाई अड्डे के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि यह प्रयागराज की 93 वर्षों में पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी. इससे पहले, 1932 में प्रयागराज से लंदन के लिए फ्लाइट शुरू हुई थी.
महाकुंभ में 3 दिन रहीं लॉरेन
लॉरेन पॉवेल 3 दिन महाकुंभ में रहीं, उन्हें कैलाशानंद गिरि ने कमला नाम दिया है. लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने प्रयागराज में लगे भव्य महाकुंभ मेले को देखा और गंगा मां के दर्शन किए. लॉरेन पॉवेल ने भगवती मां काली के बीज मंत्र की दीक्षा भी ली और कहा था कि सनातन परंपरा की गहराई और शांति ने मुझे भीतर से छुआ है. भगवती मां काली की आराधना से मुझे आत्मिक शांति और नई दिशा मिली है.
स्टीव जॉब्स की इच्छा और मित्र को उनका पत्र
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एपल के को- फाउंडर स्टीव जॉब्स ने 23 फरवरी 1974 को अपने बचपन के दोस्त टिम ब्राउन को एक लेटर लिखा था, जिसमें उन्होंने भारत में होने वाले कुंभ में आने की इच्छा जताई थी. उन्होंने लेटर में लिखा था कि मैं कुंभ मेले के लिए भारत जाना चाहता हूँ, जो अप्रैल में शुरू होता है. मैं मार्च में किसी समय जाउंगा, अभी निश्चित नहीं हूं. हाल ही में स्टीव जॉब्स के मित्र को लिखे पत्र की नीलामी हुई, जिसे 4.32 करोड़ रुपये में मिले. स्टीव जॉब्स की इच्छा को पूरा करने के लिए ही उनकी पत्नी महाकुंभ आईं और उनके आने से एक रिकॉर्ड बन गया. हालांकि, स्टीव जॉब्स महाकुंभ तो नहीं आए लेकिन अपने आध्यात्मिक झुकाव के चलते वह उत्तराखंड स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम में गए थे. बाबा नीम करोली की शिक्षा ने स्टीव जॉब्स को गहराई से आकर्षित किया था.
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