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गुजरात पर समिट से पहले ही लक्ष्मी हुईं मेहरबान, एक दिन में मिले करोड़ों के प्रस्ताव
सरकार का मानना है कि 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ राज्य में 3.50 लाख से ज्यादा नौकरियां भी पैदा होंगी. जिन कंपनियों ने निवेश किया है उनमें पब्लिक सेक्टर की कंपनियां ज्यादा हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गुजरात में 10 जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक होने वाले वाइब्रेंट गुजरात समिट से पहले ही 7 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. गुजरात में जिन कंपनियों ने निवेश को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है उनमें पेट्रोकेमिकल, ऑयल ऐंड गैस सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं. निवेश करने वाली कंपनियों में पब्लिक सेक्टर यूनिट से लेकर प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं.
किस कंपनी ने दिया है कितने का प्रस्ताव?
गुजरात सरकार के वाइब्रेंट समिट से पहले जिन कंपनियों ने निवेश का प्रस्ताव दिया है उनमें NTPC जैसी कंपनी शामिल है जिसने ₹1.50 लाख Cr के निवेश का प्रस्ताव दिया है. इसी तरह से टोरेंट पावर ने ₹48,000 Cr, पावर फाइनेंस ने ₹25,000 Cr, ONGC ने ₹11,800 Cr, GIPCL ने ₹7900 Cr, POWER GRID ने ₹15000 Cr, HPCL ने ₹4000 Cr, NHPC ने ₹4000 Cr, IOCL ने ₹1700 Cr, अरविंद लिमिटेड ने ₹3000 Cr और ArcelorMittal Nippon Steel India ने ₹1 Lac Cr के ऑफर दिए हैं.
इस मौके पर क्या बोले गुजरात सीएम?
इस मौके पर अपनी बात कहते हुए गुुुुुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि आगामी 10 से 12 जनवरी को आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले गुजरात सरकार ने आज एक ही दिन में 7.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए प्रमुख कंपनियों के साथ MoU हुए है. यह गुजरात के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के सफल आयोजनों के साथ-साथ राज्य सरकार की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' नीति के कारण दुनिया भर के निवेशक आज इन्वेस्टमेंट के लिए गुजरात को चुन रहे है. इसी का नतीजा है कि आज एक ही दिन में रिकॉर्ड MoU साइन हुए हैं.
कंपनियों ने इन सेक्टरों में किया है निवेश
गुजरात में निवेश को लेकर जिन कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है उनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, जैव प्रौद्योगिकी, सीमेंट, रसायन और पेट्रोकेमिकल्स, बंदरगाह, शिक्षा, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और आईटीईएस, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, तेल और गैस, सहित कई क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3.70 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है.
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