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SIS ग्रुप ने गृह मंत्रालय के साथ किया समझौता, 244 जिलों में तैनात सुरक्षा बलों को मिलेगा प्रशिक्षण
SIS और गृह मंत्रालय के सिविल डिफेंस विभाग के बीच हुआ यह समझौता देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और बिजनेस सपोर्ट सेवाओं का प्रमुख प्रदाता एसआईएस ग्रुप एंटरप्राइजेज (SIS Group Enterprises) ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सिविल डिफेंस विभाग के साथ एक स्मरणपत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह रणनीतिक साझेदारी देश की आंतरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत देश के 244 जिलों में तैनात एसआईएस के फ्रंटलाइन सुरक्षा अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
क्या है योजना?
इस सहयोग के अंतर्गत एसआईएस की टीमें सिविल डिफेंस अभ्यासों में सक्रिय रूप से भाग लेंगी, और आपदा राहत एवं नागरिक सुरक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम एसआईएस के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य है कि आपातकालीन परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं या युद्ध जैसे हालात में तेज प्रतिक्रिया क्षमता और व्यावसायिक निरंतरता सुनिश्चित की जा सके.
राष्ट्रीय लचीलापन के प्रति प्रतिबद्धता
एसआईएस ग्रुप एंटरप्राइजेज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर ऋतुराज सिन्हा ने कहा “यह सहयोग हमारे राष्ट्रीय लचीलापन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. हम नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण को अपनी नियमित ट्रेनिंग का हिस्सा बनाकर अपने सुरक्षाकर्मियों को संकट के समय तुरंत और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सशक्त बना रहे हैं. इससे हमारे ग्राहकों की सुरक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा में भी योगदान मिलेगा.”
आपात स्थिति में तालमेल और तत्परता बढ़ेगी
एसआईएस ग्रुप एंटरप्राइजेज के सीईओ धीरज सिंह ने कहा “यह समझौता हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को मजबूत करता है, जिसके तहत हम एक सक्षम, तत्पर और प्रशिक्षित सुरक्षा बल तैयार कर रहे हैं. इस पहल से न केवल कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि सुरक्षा बलों में राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी.”
निजी क्षेत्र की भागीदारी से राष्ट्र को सुरक्षा में मजबूती
यह समझौता निजी क्षेत्र की क्षमताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा प्रयासों के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे एसआईएस का यह नेतृत्वकारी रुख और स्पष्ट होता है कि वह एक सुरक्षित और अधिक लचीले भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
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