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रतन टाटा की वसीयत में चौंकाने वाला खुलासा: 500 करोड़ रुपये एक अज्ञात शख्स के नाम
रतन टाटा के पास टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 0.83% की हिस्सेदारी थी, और उनकी कुल संपत्ति लगभग 8,000 करोड़ रुपये के आस-पास मानी जाती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिवंगत रतन टाटा की वसीयत ने सबको चौंका दिया है. हाल ही में उनकी वसीयत के खुलासे ने टाटा परिवार और टाटा समूह के अंदर खलबली मचा दी है. रतन टाटा ने अपनी संपत्ति का एक तिहाई हिस्सा, यानी करीब 500 करोड़ रुपये, एक ऐसे व्यक्ति को दिया है जिसे ज्यादातर लोग जानते तक नहीं हैं. इस व्यक्ति का नाम मोहिनी मोहन दत्ता है, जो जमशेदपुर के रहने वाले हैं और ट्रैवल सेक्टर में काम करते हैं. तो आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं?
मोहिनी मोहन दत्ता का परिचय
मोहिनी मोहन दत्ता का परिवार 'Stallion' नामक ट्रैवल एजेंसी चलाता था, जिसे 2013 में ताज सर्विसेज में विलय किया गया। ताज सर्विसेज, ताज ग्रुप ऑफ होटल्स का हिस्सा है. दत्ता परिवार की स्टैलियन में 80% हिस्सेदारी थी, जबकि 20% हिस्सेदारी टाटा इंडस्ट्रीज के पास थी. इसके अलावा, दत्ता टीसी ट्रैवल सर्विसेज के डायरेक्टर भी रहे हैं, जो थॉमस कुक से जुड़ी एक कंपनी थी
रतन टाटा और मोहिनी दत्ता के रिश्ते
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रतन टाटा के करीबी लोग बताते हैं कि मोहिनी मोहन दत्ता उनके पुराने साथी थे और उनके परिवार के लोग भी उन्हें जानते थे. इस संबंध में दत्ता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. रतन टाटा की वसीयत के एग्जीक्यूटर्स में उनकी सौतेली बहनें शिरीन और डीना जेजीभॉय भी शामिल हैं, लेकिन उन्होंने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की. एक अन्य एग्जीक्यूटर डेरियस खंबाटा और मेहली मिस्त्री ने भी इस पर कुछ नहीं कहा है.
दत्ता का टाटा परिवार से संबंध
मोहिनी दत्ता की दो बेटियाँ हैं, जिनमें से एक ने 2024 तक टाटा ट्रस्ट्स में नौ साल तक काम किया था. दत्ता ने एक बार मीडिया को बताया था कि वह रतन टाटा से पहली बार जमशेदपुर के डीलर्स हॉस्टल में मिले थे, जब रतन टाटा 24 साल के थे. उन्होंने बताया कि रतन टाटा ने उनकी मदद की और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया. दत्ता ने यह भी दावा किया था कि वह 60 साल से एक-दूसरे को जानते थे.
रतन टाटा की वसीयत और दान
रतन टाटा ने अपनी अधिकांश संपत्ति को दान के लिए छोड़ा है. इसके साथ ही, उन्होंने अपनी सौतेली बहनों के लिए भी कुछ रकम वसीयत में छोड़ी है. सूत्रों के अनुसार, उनकी सौतेली बहनों ने भी अपनी हिस्सेदारी दान करने की इच्छा जताई है. इस खुलासे ने टाटा ग्रुप में गहरी चर्चा पैदा की है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति के बंटवारे की बारीकी से जांच की जाएगी.
रतन टाटा की संपत्ति
रतन टाटा के पास टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 0.83% की हिस्सेदारी थी, और उनकी कुल संपत्ति लगभग 8,000 करोड़ रुपये के आस-पास मानी जाती है. हालांकि, उनकी वास्तविक संपत्ति कहीं अधिक हो सकती है, जिसमें फेरारी और मसेराती जैसी लग्जरी कारें, महंगी पेंटिंग्स, स्टार्टअप्स में निवेश और अन्य निजी निवेश शामिल हैं. रतन टाटा ने अपने व्यक्तिगत निवेश के लिए RNT एसोसिएट्स नामक वीकल भी स्थापित किया था, जिसमें वित्त वर्ष 2023 तक 186 करोड़ रुपये का निवेश था.
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