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HUL को झटका: कमजोर Q1 नतीजों से शेयर 5% तक टूटा, मुनाफा बाजार अनुमान से कम
Q1FY27 में HUL का शुद्ध मुनाफा 3% घटकर ₹2,673 करोड़ रहा, हालांकि कंपनी का राजस्व 10% बढ़ा; होम केयर कारोबार ने दर्ज की तीन साल की सबसे तेज ग्रोथ
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 day ago
एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के शेयरों में मंगलवार को तेज गिरावट देखने को मिली. जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के कमजोर नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में बिकवाली की, जिससे शुरुआती कारोबार में स्टॉक 5 फीसदी से ज्यादा फिसल गया. बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कंपनी का मुनाफा कमजोर रहने से सेंटीमेंट प्रभावित हुआ.
सुबह करीब 10:32 बजे HUL का शेयर 3.27 फीसदी की गिरावट के साथ ₹2,105 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, खबर लिखे जाने तक यह 5.58 फीसदी टूटकर ₹2,053.30 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया. वहीं, इस दौरान निफ्टी 50 करीब सपाट रुख के साथ 23,999.50 के स्तर पर था.
मुनाफे में आई गिरावट, राजस्व में बढ़ोतरी
HUL का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (PAT) जून तिमाही में सालाना आधार पर 3 फीसदी घटकर ₹2,673 करोड़ रह गया. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹2,756 करोड़ था. कंपनी ने बताया कि पिछले साल मिले वन-टाइम टैक्स क्रेडिट के कारण इस बार मुनाफे की तुलना प्रभावित हुई है.
बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी का तिमाही मुनाफा करीब 9-10 फीसदी बढ़ेगा और ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 23 फीसदी के आसपास बना रहेगा. हालांकि, वास्तविक नतीजे इन अनुमानों से कमजोर रहे. वहीं, कंपनी के परिचालन से राजस्व में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई. जून तिमाही में HUL की आय 10.1 फीसदी बढ़कर ₹17,341 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹15,757 करोड़ थी.
EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट
कंपनी का EBITDA जून तिमाही में 8.4 फीसदी बढ़कर ₹3,947 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹3,640 करोड़ था. हालांकि, EBITDA मार्जिन 23.4 फीसदी से घटकर 23 फीसदी रह गया, यानी इसमें 40 बेसिस प्वाइंट की कमी आई.
तिमाही के दौरान कंपनी पर ₹75 करोड़ का नेट एक्सेप्शनल चार्ज दर्ज हुआ. इसमें ₹115 करोड़ का रिस्ट्रक्चरिंग खर्च शामिल था, जबकि अतिरिक्त संपत्तियों की बिक्री से ₹45 करोड़ का लाभ मिला.
होम केयर कारोबार ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन
HUL के होम केयर कारोबार ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. इस सेगमेंट में 14 फीसदी की अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ (USG) दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों की सबसे तेज वृद्धि है. फैब्रिक वॉश कैटेगरी में दो अंकों की वृद्धि देखने को मिली. बार और पाउडर डिटर्जेंट की बिक्री मजबूत रही, जबकि लिक्विड डिटर्जेंट की मांग में भी तेजी आई. वहीं, हाउसहोल्ड केयर कारोबार में विम लिक्विड की बिक्री बढ़ने से अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई.
ब्यूटी और वेलबीइंग कारोबार में 12% वृद्धि
कंपनी के ब्यूटी एंड वेलबीइंग कारोबार में जून तिमाही में 12 फीसदी की वृद्धि हुई. हेयर केयर सेगमेंट में प्रीमियम उत्पादों और नए फॉर्मेट की वजह से दो अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई. स्किन केयर और कलर कॉस्मेटिक्स कारोबार में भी अच्छी मांग देखने को मिली. कंपनी के मिनिमलिस्ट ब्रांड ने भी दो अंकों की वृद्धि दर्ज की. इस दौरान HUL ने Liquid I.V. का शुगर-फ्री वैरिएंट और Vaseline Gluta Hya Smoothening Body Lotion लॉन्च किया.
पर्सनल केयर और फूड्स कारोबार में भी बढ़त
पर्सनल केयर कारोबार में 4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. कंपनी ने बताया कि लगातार दूसरे साल पाम ऑयल की ऊंची कीमतों का असर इस सेगमेंट पर रहा. ओरल केयर कारोबार में Closeup White Now, Pepsodent Gum Care और Sensitive Care जैसे प्रीमियम उत्पादों की मांग मजबूत रही.
वहीं, फूड्स कारोबार में 7 फीसदी की वृद्धि हुई. कॉफी कारोबार ने दो अंकों की ग्रोथ दर्ज की, जबकि Bru Gold और रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों की मांग बढ़ी. Boost ने पहली बार ₹1,000 करोड़ के सालाना कारोबार का आंकड़ा पार किया.
HUL शेयर का प्रदर्शन कमजोर
HUL के शेयर का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से दबाव में रहा है. पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 13.95 फीसदी गिर चुका है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 2.68 फीसदी की गिरावट आई. तीन साल के दौरान HUL के शेयर में करीब 18.71 फीसदी की गिरावट रही, जबकि निफ्टी 50 ने इसी अवधि में 22.26 फीसदी का रिटर्न दिया है.
HUL की सीईओ और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती बनाए रखी है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने चालू तिमाही में 10 फीसदी की अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ दर्ज की, जिसमें वॉल्यूम और कीमत दोनों का योगदान रहा.
उन्होंने बताया कि यह पिछले 13 तिमाहियों में कंपनी की सबसे तेज बिक्री वृद्धि में से एक है. प्रिया नायर के मुताबिक, मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो, बेहतर वितरण नेटवर्क और उत्पादों में लगातार निवेश कंपनी की ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा हैं.
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