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रतन टाटा के करीबी रहे शांतनु नायडू को Tata Motors में मिली नई जिम्मेदारी, LinkedIn पर शेयर की भावुक पोस्ट!
दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के करीबी शांतनु नायडू को टाटा ग्रुप में नई जिम्मेदारी दी गई है. नायडू ने अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में LinkedIn पर एक भावुक पोस्ट लिखा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के करीबी रहे शांतनु नायडू को अब टाटा ग्रुप (Tata Group) की प्रमुख ऑटो कंपनी, टाटा मोटर्स (Tata Motors) में जनरल मैनेजर और स्ट्रैटजिक इनिशिएटिव्स का प्रमुख बनाया गया है. नायडू ने इस नई भूमिका को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने करियर की शुरुआत और रतन टाटा के साथ अपने रिश्ते के बारे में बताया है. रतन टाटा के असिस्टेंट के रूप में काम करते हुए नायडू ने ना केवल अपने पेशेवर जीवन में ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि उनके द्वारा शुरू किए गए कई समाजसेवी प्रयासों में भी योगदान दिया है.
नायडू ने लिखी ये पोस्ट
नायडू ने LinkedIn में लिखा, 'मुझे यह बाता साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं टाटा मोटर्स में जनरल मैनेजर, हेड- स्ट्रैटजिक इनिशिएटिव्स के तौर पर नई शुरुआत कर रहा हूं. मुझे याद है कि जब सफेद शर्ट और नेवी पेंट्स पहने मेरे पापा टाटा मोटर्स के प्लांट से आते थे तो मैं खिड़की पर उनकी राह देखता था. जिंदगी जहां से चली थी फिर वहीं आ गई.' बता दें, 2014 में सावित्री फुले पुणे यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने के बाद नायडू ने 2016 में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए किया. बता दें, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए करने का खर्च भी टाटा ट्रस्ट की ओर से वहन किया गया था. रतन टाटा का पिछले साल नौ अक्टूबर को निधन हो गया था. उनके निधन पर शांतनु ने एक भावुक पोस्ट लिखा था.
इससे पहले टाटा संस का काम देख रहे थे शांतनुमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा संस में छह साल से अधिक समय बिताने के बाद शांतनु नायडू अब टाटा मोटर्स में जनरल मैनेजर (स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स) के तौर पर भूमिका संभाली है. नायडू ने बुजुर्गों की मदद के लिए 2021 में एक वेंचर Goodfellows शुरू किया था. इसमें रतन टाटा का भी निवेश था. साथ ही उन्होंने नायडू को एजुकेशन लोन भी दिया था. रतन टाटा में Goodfellows में अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी थी. साथ ही उन्होंने अपनी वसीयत में नायडू का एजुकेशन लोन भी माफ कर दिया.
रतन टाटा की नजर में ऐसे आए नायडू
मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट नायडू ने टाटा टेक्नोलॉजीज में इंटर्नशिप से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में टाटा एल्क्सी में काम किया. टाटा एल्क्सी में रहते हुए नायडू ने 2014 में आवारा कुत्तों को तेज रफ्तार कारों से बचाने के लिए एक सिस्टम विकसित किया था. उनके द्वारा डिजाइन किया गया कुत्ते का कॉलर (जो सड़क हादसों में जानवरों को बचाने के लिए था) रतन टाटा की नजर में आया, रतन टाटा को आवारा कुत्तों की फिक्र रहती थी और उन्होंने टाटा के मुख्यालय बॉम्बे हाउस में उनके लिए एक आश्रय बनाया था. नायडू का काम टाटा को भा गया. टाटा ने उनके प्रोजेक्ट में निवेश किया और इस तरह दोनों की करीबी बढ़ती गई. इसके बाद साल 2018 में उन्होंने रतन टाटा के असिस्टेंट के तौर पर काम करना शुरू किया. अपनी किताब I Came Upon a Lighthouse में उन्होंने रतन टाटा के साथ अपनी दोस्ती के बारे में लिखा है.
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