होम / बिजनेस / 66 वर्ष के हुए शक्तिकांत दास : भारतीय प्रशासन और वित्तीय स्थिरता के स्तंभ

66 वर्ष के हुए शक्तिकांत दास : भारतीय प्रशासन और वित्तीय स्थिरता के स्तंभ

आज पूर्व आरबीआई गवर्नर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शक्तिकांत दास अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं. वह वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की भूमिका निभा रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

शक्तिकांत दास गुरुवार यानी 26 फरवी, 2026 को 66 वर्ष के हो गए हैं. दो दशकों से अधिक लंबे सार्वजनिक सेवा करियर में दास ने राज्य प्रशासन से लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक, भारत के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और आर्थिक नीति पदों पर कार्य किया है. उन्होंने 1980 में तमिलनाडु कैडर के अधिकारी के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जॉइन की. दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में एमए स्नातक दास ने अपने करियर की शुरुआत तमिलनाडु में राजस्व प्रशासन, कराधान और औद्योगिक विकास से संबंधित जिम्मेदारियों के साथ की.

प्रारंभिक प्रशासनिक करियर

तमिलनाडु सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान, दास ने राजस्व विभाग में आयुक्त और विशेष आयुक्त तथा उद्योग विभाग में सचिव जैसे पद संभाले. उनका कार्य सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, भूमि प्रशासन और औद्योगिक नीति जैसे क्षेत्रों को कवर करता था.

2008 में, दास केंद्र सरकार में स्थानांतरित हुए और आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में वित्त मंत्रालय में शामिल हुए. उनकी जिम्मेदारियों में बजट संबंधी कार्य और राजकोषीय नीति समन्वय शामिल था.

केंद्र सरकार में वरिष्ठ भूमिकाएं

दास को दिसंबर 2013 में रसायन और उर्वरक मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया. 2014 में, उन्होंने उर्वरक सचिव के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने क्षेत्र से संबंधित नीतिगत और प्रशासनिक मामलों की देखरेख की.

इसके तुरंत बाद, वे एनडीए सरकार के तहत वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव बने. अगस्त 2015 में, दास को आर्थिक मामलों का सचिव नियुक्त किया गया, यह पद उन्होंने मई 2017 में सेवानिवृत्ति तक संभाला.

वित्त मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान, दास आठ केंद्रीय बजट की तैयारी से सीधे जुड़े रहे, जैसा कि उनके आरबीआई नियुक्ति के समय बाद में जारी एक आधिकारिक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया था.

आर्थिक सुधारों में भूमिका

नवंबर 2016 के विमुद्रीकरण के दौरान दास को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में, उन्होंने नियमित रूप से मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित किया, नीतिगत उपायों, बैंकिंग संचालन और क्रियान्वयन अपडेट की व्याख्या की.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), जी20, ब्रिक्स और सार्क शामिल हैं. 2017 में, दास जी20 के लिए भारत के शेरपा रहे और बाद में 15वें वित्त आयोग के सदस्य बने.

आरबीआई गवर्नर के रूप में नियुक्ति

दिसंबर 2018 में, दास ने भारतीय रिजर्व बैंक के 25वें गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया, उन्होंने उर्जित पटेल का स्थान लिया. केंद्रीय बैंक में उनका कार्यकाल दिसंबर 2024 तक रहा. दास ने आरबीआई में छह वर्ष का कार्यकाल पूरा किया, ऐसा करने वाले वे बिमल जालान (1997–2003) के बाद दूसरे गवर्नर बने. उनका गवर्नर कार्यकाल कई वैश्विक और घरेलू आर्थिक चुनौतियों के दौरान रहा, जिनमें वित्तीय क्षेत्र का दबाव, कोविड-19 महामारी और बदलती मुद्रास्फीति की स्थिति शामिल थीं.

इस अवधि में, आरबीआई ने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों का समर्थन करने के उद्देश्य से मौद्रिक नीति समायोजन, तरलता संचालन और नियामक उपाय किए.

प्रधानमंत्री कार्यालय में परिवर्तन

आरबीआई में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, दास को 22 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 के रूप में नियुक्त किया गया. अपनी वर्तमान भूमिका में, वे पीएमओ में उच्च स्तरीय नीतिगत समन्वय और प्रशासनिक निगरानी में शामिल हैं.

1980 में आईएएस में प्रवेश से लेकर आरबीआई के नेतृत्व और वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारियों तक, दास का करियर भारत की प्रमुख शासन और आर्थिक संस्थाओं में फैला हुआ है. शक्तिकांत दास का पेशेवर अनुभव राज्य प्रशासन, वित्तीय नीति निर्माण, केंद्रीय बैंकिंग और कार्यकारी शासन के बीच एक सेतु के रूप में माना जाता है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Nifty 500 में DII का दबदबा रिकॉर्ड स्तर पर, FII हिस्सेदारी घटी: मोतीलाल ओसवाल

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 भारतीय इक्विटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इस दौरान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई.

10 hours ago

RBI की कटौती का असर सीमित, लोन सस्ते होने की रफ्तार धीमी: BoB रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, RBI की दर कटौती से कर्ज जरूर सस्ता हुआ, लेकिन इसका पूरा फायदा अभी तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया है. बैंकिंग सिस्टम में असमान ट्रांसमिशन इस अंतर की बड़ी वजह बना हुआ है.

10 hours ago

PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

11 hours ago

BW The Future Finance Office में मुख्य अतिथि होंगे यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

एक ओर जहाँ फाइनेंस लीडरशिप और एंटरप्राइज लीडरशिप के बीच की सीमा पूरी तरह समाप्त हो रही है. वहीं, CFO की भूमिका के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने के उद्देश्य से भारत के टॉप फाइनेंस लीडर्स 8 से 10 मई तक लखनऊ में एकत्र होंगे.

14 hours ago

2026 में ऊर्जा संक्रमण से आगे निकला भू-राजनीतिक संकट: GlobalData

रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें अब ऊर्जा उद्योग की कार्यक्षमता को तेजी से बदल रही हैं.

16 hours ago


बड़ी खबरें

BW The Future Finance Office में मुख्य अतिथि होंगे यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

एक ओर जहाँ फाइनेंस लीडरशिप और एंटरप्राइज लीडरशिप के बीच की सीमा पूरी तरह समाप्त हो रही है. वहीं, CFO की भूमिका के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने के उद्देश्य से भारत के टॉप फाइनेंस लीडर्स 8 से 10 मई तक लखनऊ में एकत्र होंगे.

14 hours ago

Nifty 500 में DII का दबदबा रिकॉर्ड स्तर पर, FII हिस्सेदारी घटी: मोतीलाल ओसवाल

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 भारतीय इक्विटी बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इस दौरान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई.

10 hours ago

RBI की कटौती का असर सीमित, लोन सस्ते होने की रफ्तार धीमी: BoB रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, RBI की दर कटौती से कर्ज जरूर सस्ता हुआ, लेकिन इसका पूरा फायदा अभी तक ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया है. बैंकिंग सिस्टम में असमान ट्रांसमिशन इस अंतर की बड़ी वजह बना हुआ है.

10 hours ago

PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

11 hours ago

मलेशिया और भारत में नए सीईओ की नियुक्ति के साथ Lockton ने एशिया में नेतृत्व को किया मजबूत

यह नियुक्तियां लॉकटन की एशिया में बढ़ती उपस्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को और मजबूती प्रदान करेंगी.

13 hours ago