✕

होम / बिजनेस / Shadow Network और सत्ता की कठपुतलियाँ

Shadow Network और सत्ता की कठपुतलियाँ

मुंबई के वित्तीय बाजारों में पर्दे के पीछे कई चौंकाने वाले घटनाक्रम और गुप्त गठजोड़ चल रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पलक शाह

एक नियामक की बहन, जो एक पूर्व बैंकिंग सम्राट से जुड़ी है, एक ट्रेडिंग की ताकतवर हस्ती बन चुकी है; एक प्रसिद्ध मार्केट ऑपरेटर और एक प्रमुख एक्सचेंज कार्यकारी के बीच एक गुप्त मुलाकात; और इंडेक्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए किए गए नियामकीय बदलावों का रहस्यमय मामला... 'गॉसिप एंड टेल्स' आपको मुंबई के वित्तीय बाज़ारों के पर्दे के पीछे की ताजा घटनाएँ लाकर देता है. चलिए इन घटनाओं को जानते हैं.

वफादारी नेटवर्क और कॉर्पोरेट कठपुतली की डोरियाँ
वित्तीय गलियारों में कानाफूसी ट्रेडिंग फ्लोर की खुलने वाली घंटी से भी ज़्यादा गूंज रही है, जहाँ एक पूर्व नियामकीय दिग्गज के बारे में फुसफुसाहट है जो अब भी एक शक्तिशाली मार्केट वॉचडॉग के संचालन में पर्दे के पीछे से डोरियाँ खींच रहे हैं, भले ही उन्होंने पद छोड़ दिया हो. सूत्रों का कहना है कि इस मास्टरमाइंड ने वफ़ादारों का एक किला खड़ा किया, जो उनके इशारे पर नाचने वालों को तरक्की की सीढ़ियाँ चढ़ाता रहा, ताकि उनकी सोच उनके जाने के बाद भी बनी रहे. कहा जाता है कि यह शख्स इतना व्यावहारिक था, कि अंतिम दिन तक परफॉर्मेंस एप्रेजल करता रहा और कोई भी विवरण अधूरा नहीं छोड़ा, और सुनिए, उन्होंने संगठन के कर्मचारियों के लिए कई वर्षों की टु-डू लिस्ट तैयार कर छोड़ी, मानो वर्षों तक अपनी पकड़ बनाए रखने की योजना हो.

लेकिन गपशप यहीं खत्म नहीं होती. चर्चा है एक ब्लॉकबस्टर फाइनेंस-सेक्टर डीमर्जर से मिले जबरदस्त मुनाफे की, जिसमें इस नियामक और एक कॉर्पोरेट दिग्गज ने भारी कमाई की. फिर है एक फूड-टेक दिग्गज की गुप्त फाइलिंग की मसालेदार कहानी, जहाँ नियामक के जीवनसाथी का कंपनी के चेयरमैन से पुराना दोस्ताना रहा. एक चतुराई भरे स्वयं को अलग करने के कदम के जरिए टकराव से बचते हुए, नियामक ने यह सौदा अपने नाम के बिना ही पास करा दिया.

इसके अलावा, एक पूर्व एशियाई बैंकिंग सम्राट से जुड़ी समुद्र पार नियामक की बहन, जिसे एक ट्रेडिंग पावरहाउस बताया जा रहा है, जहाँ शैडो स्पेशल-पर्पस व्हीकल्स के जरिए भारी मुनाफे की फुसफुसाहट है. एक प्रमुख एक्सचेंज के शेयरों में जटिल ऑफशोर स्ट्रक्चर्स के माध्यम से फंड डालते हुए। चर्चा है कि ये निवेश, जो संभवतः अरबों में हैं, केवल हिमशैल की नोक हैं, जहाँ पारिवारिक रिश्ते आरामदायक समझौतों को हवा दे रहे हैं. एक शानदार इलाके में एक साथ रहते हुए, इस परिवार की वित्तीय चालों ने बाजार के पर्यवेक्षकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है: क्या ये लोग अभी भी उच्च-दांव की इस शतरंज में नियामकों से तेज हैं? क्या ये अब भी पर्दे के पीछे से खेल चला रहे हैं, या यह सिर्फ़ बाजार की सबसे गर्म गपशप है? ये फुसफुसाहटें बिजली सी दौड़ रही हैं.

एक ऊँची उड़ान वाली मार्केट मीटिंग और ऑफशोर रहस्य
वित्तीय गलियारों में कानाफूसी है कि एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के एक शीर्ष कार्यकारी ने हाल ही में एक प्रसिद्ध मार्केट ऑपरेटर के साथ एक गुप्त मुलाकात की, जिसे एक ऐसी सिक्योरिटीज फर्म ने आयोजित किया जिसके गहरे संपर्क हैं. कहा जा रहा है कि यह ऑपरेटर इस कार्यकारी के लिए दो बड़े ब्रोकरेज के माध्यम से खाते संभालता है, जो उन विदेशी निवेशकों के लिए भारी ट्रेड करता है जो एक्सचेंज में शेयर खरीद रहे हैं. लेकिन सबसे चटपटी बात यह है: इस कार्यकारी की एक चमकदार एशियाई वित्तीय हब की बार-बार की देर रात यात्राएँ, जो संयोगवश त्रैमासिक परिणामों के समय होती हैं, ने चर्चा को हवा दी है. क्या वहाँ रहने वाला कोई करीबी परिवार का सदस्य परदे के पीछे की भूमिका निभा रहा है? बाजार में यह अटकलें तेज हैं कि बंद दरवाजों के पीछे वास्तव में क्या सौदेबाजी चल रही है.

असमान नियमों का एक रहस्यमय मामला
ट्रेडिंग की दुनिया में नियामकीय बदलावों को लेकर गलियारों में हलचल है, जो खेल के मैदान को एक ओर झुकता हुआ दिखा रहे हैं. अंदरूनी सूत्र सवाल उठा रहे हैं कि क्यों कुछ एक्सचेंज को बढ़त मिल रही है, जबकि अन्य संघर्ष कर रहे हैं. ताजा चर्चा? एक नियम जो सप्ताह में केवल दो एक्सपायरी दिनों की अनुमति देता है, जो सुविधाजनक रूप से एक खिलाड़ी के पक्ष में जाता है. क्यों न अटकलों को नियंत्रित करने के लिए इसे मासिक एक्सपायरी तक सीमित कर दिया जाए, या पूरे सिस्टम में केवल एक साप्ताहिक दिन तय कर दिया जाए? कुछ लोग फुसफुसा रहे हैं कि यह व्यवस्था एक एक्सचेंज को बढ़त देने के लिए है, जबकि अन्य यह सोच रहे हैं कि क्यों प्रत्येक एक्सचेंज के लिए कई इंडेक्स को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा। क्या यह एक रणनीतिक कदम है जिससे किसी विशेष इंडेक्स को परछाईं में रखा जा सके? बाज़ार बारीकी से देख रहा है.

-पलक शाह, बिजनेस वर्ल्ड रिपोर्टर्स
(पलक शाह एक अनुभवी खोजी पत्रकार हैं और The Market Mafia: Chronicle of India’s High-Tech Stock Market Scandal & The Cabal That Went Scot-Free के लेखक हैं. मुंबई में लगभग दो दशक ग्राउंड रिपोर्टिंग अनुभव के साथ, पलक ने खुद को एक बेखौफ सच्चाई खोजने वाले पत्रकार के रूप में स्थापित किया है. उनकी बाइलाइन भारत के सबसे प्रतिष्ठित वित्तीय समाचार पत्रों- द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, द फाइनेंशियल एक्सप्रेस और द हिंदू बिजनेस लाइन में प्रकाशित हुई हैं, जहाँ उनकी तेज-तर्रार कवरेज ने विमर्श को आकार दिया और कॉर्पोरेट बोर्डरूम्स को झकझोर दिया. 19 साल की उम्र में अपराध पत्रकारिता की ओर आकर्षित हुए पलक ने जल्दी ही महसूस किया कि 1980 के दशक के मुंबई के गिरोह अब परोक्ष लेकिन संगठित सफेदपोश अपराधों में बदल चुके हैं, जो कॉर्पोरेट टावरों में रचे जाते हैं. इस एहसास ने उन्हें वित्तीय पत्रकारिता की ओर मोड़ दिया, जहाँ उन्होंने वर्षों तक भारत की 'वाइट मनी' अर्थव्यवस्था की जटिल साजिशों को उजागर किया.)


टैग्स
सम्बंधित खबरें

डिफेंस सेक्टर की Tonbo Imaging के IPO को सेबी की मंजूरी, OFS के जरिए बिकेंगे 1.81 करोड़ शेयर

कंपनी के IPO में 18,085,246 इक्विटी शेयर तक की बिक्री की जाएगी. प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये है. OFS के तहत प्रमोटर शेयर बेचने वाले शेयरधारक, प्रमोटर ग्रुप का एक शेयरधारक और निवेशक शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.

1 hour ago

UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट की तत्काल रोक से इनकार, केंद्र-NPCI से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि फिलहाल 15 अक्टूबर से लागू होने वाली प्रस्तावित चार्ज व्यवस्था पर कोई अंतरिम रोक नहीं है. इस मामले में अदालत ने 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यापारी यूपीआई भुगतानों पर लगाए जाने वाले शुल्क की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की.

4 hours ago

पर्यटन के लिए राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा शुरू, 2028 तक 23 हजार अनुभव और होमस्टे डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे

राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन ढांचा पर्यटन मंत्रालय और ONDC मिलकर विकसित कर रहे हैं. इसके जरिए अलग-अलग जगहों पर बिखरी पर्यटन सेवाओं को साझा डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ा जाएगा.

6 hours ago

तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में बढ़ा MF निवेश, AUM 2.95 लाख करोड़ रुपये पहुंचा; 25% निवेशक महिलाएं

देश के कुल म्युचुअल फंड एसेट्स में तेलंगाना की हिस्सेदारी करीब 2.5 फीसदी रही. राज्य में कुल फोलियो की संख्या 82.24 लाख रही, जो देशभर के कुल म्युचुअल फंड फोलियो का करीब 2.9 फीसदी है.

6 hours ago

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार में आएगी तेजी, 2030 तक ₹3.25 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार 2030 तक सालाना 8-10 फीसदी की दर से बढ़कर 30-35 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. रूम एयर कंडीशनर (RAC) इस वृद्धि में अहम भूमिका निभा सकता है.

9 hours ago


बड़ी खबरें

टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, CBDT ने बढ़ाई ITR और टैक्स ऑडिट की डेडलाइन

CBDT के फैसले के बाद असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है.

2 hours ago

UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट की तत्काल रोक से इनकार, केंद्र-NPCI से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि फिलहाल 15 अक्टूबर से लागू होने वाली प्रस्तावित चार्ज व्यवस्था पर कोई अंतरिम रोक नहीं है. इस मामले में अदालत ने 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यापारी यूपीआई भुगतानों पर लगाए जाने वाले शुल्क की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की.

4 hours ago

डिफेंस सेक्टर की Tonbo Imaging के IPO को सेबी की मंजूरी, OFS के जरिए बिकेंगे 1.81 करोड़ शेयर

कंपनी के IPO में 18,085,246 इक्विटी शेयर तक की बिक्री की जाएगी. प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये है. OFS के तहत प्रमोटर शेयर बेचने वाले शेयरधारक, प्रमोटर ग्रुप का एक शेयरधारक और निवेशक शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.

1 hour ago

नॉर्थ स्टार रिन्यूएबल एनर्जी ने शिवानंद निम्बार्गी को एमडी और सीईओ नियुक्त किया

शिवानंद निम्बार्गी को ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. वह इससे पहले अयाना रिन्यूएबल पावर के प्रबंध निदेशक और सीईओ रह चुके हैं.

4 hours ago

बीमा बेचने के तरीके में बड़ा बदलाव! एजेंटों के कमीशन से लेकर मिस-सेलिंग तक IRDAI का नया प्लान

IRDAI ने सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री बनाने का प्रस्ताव भी रखा है. इसके जरिए ग्राहक बीमा उत्पाद, बीमा कंपनी और वितरक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक जगह देख सकेंगे.

7 hours ago