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Semicon India 2025: भारत का पहला मेड-इन-इंडिया चिप 'विक्रम' लॉन्च, PM मोदी को दी गई भेंट
विक्रम प्रोसेसर का लॉन्च सिर्फ एक टेक्नोलॉजी उपलब्धि नहीं बल्कि भारत की आर्थिक वृद्धि और रणनीतिक स्वतंत्रता की ओर मजबूत कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारत ने सेमिकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. सेमिकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन के दौरान देश का पहला पूरी तरह स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर 'विक्रम' लॉन्च किया गया. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक रूप से भेंट किया.
भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा सेमीकंडक्टर मिशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में कहा कि सेमीकंडक्टर का भविष्य भारत में तैयार हो रहा है और आज दुनिया भारत पर विश्वास कर रही है. उन्होंने चिप्स को 'डिजिटल डायमंड' करार देते हुए कहा कि जैसे पिछली सदी में तेल ने दुनिया की दिशा तय की थी, वैसे ही 21वीं सदी की ताकत एक छोटी-सी चिप में छिपी है, जो वैश्विक विकास को नई गति देगी. पीएम मोदी ने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 10 प्रोजेक्ट्स में ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है. सरकार द्वारा नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने से निवेशकों को मंजूरी और प्रक्रिया में बड़ी राहत मिली है.
उन्होंने यह भी बताया कि भारत दुनिया के 20% सेमीकंडक्टर डिजाइन टैलेंट का योगदान करता है और इस क्षेत्र में युवाओं, स्टार्टअप्स व MSMEs की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि माइक्रोन, टाटा, सीजी पावर जैसी कंपनियों के पायलट प्रोजेक्ट्स सक्रिय हैं और जल्द ही कमर्शियल चिप्स का उत्पादन शुरू होगा. भारत सिर्फ चिप निर्माण ही नहीं करेगा, बल्कि डिजाइनिंग, पैकेजिंग और हाईटेक डिवाइसेज़ के जरिए एक पूरी वैल्यू चेन स्थापित करेगा. उनका विज़न है: "Designed in India, Made in India, Trusted by the World."
'विक्रम': भारत की पहली स्वदेशी चिप
‘विक्रम’ माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण ISRO की सेमिकंडक्टर लैबोरेटरी द्वारा किया गया है. यह प्रोसेसर अंतरिक्ष यान और लॉन्च व्हीकल जैसे मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है और अत्यधिक कठोर परिस्थितियों में काम करने में सक्षम है. केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि यह उपलब्धि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी छलांग है, जिससे विदेशी चिप्स पर निर्भरता कम होगी और देश अपने सेमिकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत बना सकेगा.
टेस्ट चिप्स और नए प्रोजेक्ट्स की झलक
सम्मेलन के दौरान, 'विक्रम' प्रोसेसर के अलावा चार अन्य स्वीकृत सेमिकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के टेस्ट चिप्स भी प्रदर्शित किए गए. ये प्रोजेक्ट्स भारत की सेमिकंडक्टर क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं.
चिप निर्माण में भारत की तेजी
अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत में पांच सेमिकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनमें से एक यूनिट की पायलट लाइन पूरी हो चुकी है, और दो अन्य यूनिट्स आगामी महीनों में उत्पादन शुरू करेंगी. इसके अलावा पांच नई यूनिट्स की डिजाइन प्रक्रिया भी प्रगति पर है.
उन्होंने यह भी बताया कि सेमिकंडक्टर निर्माण के वैश्विक साझेदार भारत में सक्रिय रूप से मौजूद हैं और भारत को एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र के रूप में देख रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम
वैष्णव ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व को दिया. उन्होंने कहा, "सिर्फ 3.5 साल पहले हमने सेमिकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी और आज पहला मेड-इन-इंडिया चिप प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा गया है. यह देश के लिए गर्व का क्षण है."
मंत्री वैष्णव ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब दुनिया में नीति अस्थिरता और अनिश्चितता है, भारत उस समय स्थिरता और विकास का प्रकाशस्तंभ बनकर उभरा है. उन्होंने यह भी बताया कि:
- बीते दशक में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 6 गुना बढ़ा है.
- निर्यात में 8 गुना की वृद्धि हुई है.
- घरेलू मांग और स्थिर नीतियों ने भारत को निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बना दिया है.
भारत: वैश्विक सेमिकंडक्टर हब की ओर
'विक्रम' प्रोसेसर भारत की सेमिकंडक्टर यात्रा की सिर्फ शुरुआत है. Bastion Research की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के करीब 20% चिप डिजाइन इंजीनियर भारत में हैं. क्वालकॉम, इंटेल, एनविडिया, ब्रॉडकॉम और मीडियाटेक जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत के बेंगलुरु, हैदराबाद और नोएडा जैसे शहरों में अपने बड़े R&D और डिजाइन सेंटर स्थापित किए हैं. इससे भारत की भूमिका वैश्विक चिप डिजाइन इकोसिस्टम में और भी मजबूत हुई है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
भारत सरकार ने 2021 में Semicon India Programme की शुरुआत की थी, जिसके तहत लगभग ₹76,000 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सेमिकंडक्टर उद्योग में निवेश आकर्षित करने के लिए निर्धारित की गई है. 'विक्रम' प्रोसेसर का लॉन्च यह दर्शाता है कि भारत न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन केंद्र बनने की दिशा में भी तेजी से अग्रसर है.
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